JNU छात्रसंघ चुनाव 2025: चारों सीटों पर लेफ्ट यूनिटी का कब्जा, एबीवीपी को बड़ा झटका…
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रसंघ चुनाव 2025-26 के नतीजे आ गए हैं। इस बार एक बार फिर लेफ्ट यूनिटी (Left Unity) ने बाजी मारी है। चारों अहम पदों — अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव — पर लेफ्ट गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
मुख्य नतीजे
अध्यक्ष (President): अदिति मिश्रा — लेफ्ट यूनिटी
उपाध्यक्ष (Vice President): के. गोपिका — लेफ्ट यूनिटी
महासचिव (General Secretary): सुनील यादव — लेफ्ट यूनिटी
संयुक्त सचिव (Joint Secretary): दानिश अली — लेफ्ट यूनिटी
वोटिंग और नतीजे की झलक
करीब 67% छात्रों ने मतदान किया, जो पिछले साल से थोड़ा कम रहा।
चारों सीटों पर Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) को हार का सामना करना पड़ा।
उपाध्यक्ष पद पर के. गोपिका ने ABVP उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया।
चुनाव में कुल मिलाकर लेफ्ट गुट का वर्चस्व एक बार फिर कायम रहा।
चुनाव अभियान और माहौल
कैंपस में चुनाव प्रचार के दौरान फीस वृद्धि, छात्रवृत्ति और हॉस्टल सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
लेफ्ट यूनिटी ने “शिक्षा, समानता और लोकतंत्र” के नारे के साथ कैंपेन चलाया।
ABVP ने राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दों पर जोर दिया, लेकिन इस बार छात्र समर्थन कम मिला।
🔹 क्या बोले छात्र और विश्लेषक
छात्रों का कहना है कि यह जीत छात्र-हितों की राजनीति और संगठनात्मक एकता का परिणाम है।
चुनाव पर्यवेक्षकों के मुताबिक, लेफ्ट यूनिटी की जीत दिखाती है कि JNU में वैचारिक राजनीति अभी भी जीवित और प्रभावशाली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई कार्यकारिणी को अब शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रवृत्ति में देरी, हॉस्टल समस्याओं जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।
JNU की परंपरा
JNU हमेशा से देश में छात्र राजनीति का केंद्र रहा है। यहां के चुनाव केवल छात्र संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि देश की विचारधाराओं का प्रतीक भी माने जाते हैं। इस बार का नतीजा बताता है कि ‘लाल सलाम’ की गूंज एक बार फिर कैंपस में बुलंद हुई है।