JNU कैंपस में UGC नियमों पर रोक के खिलाफ प्रदर्शन, छात्रों ने उठाए तीखे सवालUGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद JNU में विरोध
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कैंपस में यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार फिलहाल वर्ष 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। इस फैसले के बाद छात्रों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने नए नियमों को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।
साबरमती हॉस्टल के बाहर तीन घंटे तक चला प्रदर्शन
JNU के साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने एकत्र होकर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और यूजीसी नियमों को लेकर सरकार तथा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। प्रदर्शन के दौरान बैनर और पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें नए नियमों को लागू करने की मांग की गई।
ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे, पुतला दहन भी किया गया
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा ब्राह्मणवाद के विरोध में नारे लगाए गए और ब्राह्मणवाद का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। बैनरों पर तीखे राजनीतिक और सामाजिक संदेश लिखे हुए थे। छात्रों का कहना था कि शिक्षा नीति पर सामाजिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
छात्रों के भाषणों में सामाजिक न्याय का मुद्दा उठा
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने भाषण दिए। वक्ताओं ने कहा कि अतीत में भी मंडल आयोग, एससी-एसटी एक्ट जैसे कानूनों का विरोध हुआ था, लेकिन सामाजिक न्याय से जुड़े कदमों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों को अधिक स्वतंत्र और समावेशी बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
किसी छात्र संगठन की औपचारिक भागीदारी नहीं
इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) या किसी अन्य छात्र संगठन की ओर से औपचारिक विरोध दर्ज नहीं किया गया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने इसे स्वतंत्र और स्वतःस्फूर्त छात्र आंदोलन बताया।
शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ प्रदर्शन
रात के समय यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। कैंपस में किसी तरह की हिंसा या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई।