ना फिल्म, ना वेब—जीतेंद्र-तुषार कपूर ने एक डील से कमाए 559 करोड़, जानिए पूरा मामला
बॉलीवुड स्टार्स की कमाई सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहती। इस बार दिग्गज अभिनेता जीतेंद्र और उनके बेटे तुषार कपूर चर्चा में हैं, क्योंकि दोनों ने मिलकर 559 करोड़ रुपये की बड़ी डील की है—वो भी बिना किसी फिल्म, सीरियल या वेब सीरीज़ के। यह रकम मुंबई की एक प्रीमियम कमर्शियल प्रॉपर्टी बेचकर हासिल की गई है।
कहां से आए 559 करोड़?
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के मुताबिक, जीतेंद्र की कंपनी पैंथियन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और तुषार की कंपनी तुषार इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी एक बड़ी कमर्शियल संपत्ति 559 करोड़ रुपये में बेची है।
खरीदार है NTT ग्लोबल डेटा सेंटर्स—जो जापान की टेलीकॉम दिग्गज NTT ग्रुप की इकाई है।
कब और कहां हुआ सौदा?
- रजिस्ट्रेशन तारीख: 9 जनवरी
- लोकेशन: मुंबई का चांदिवली इलाका, बालाजी आईटी पार्क
- एसेट का स्वरूप:
- ग्राउंड + 10 मंज़िला इमारत (डीसी-10), जहां डेटा सेंटर संचालित है
- अलग चार मंज़िला डीज़ल जनरेटर बिल्डिंग
- कुल क्षेत्रफल: करीब 30,195 वर्ग मीटर (लगभग 3.25 लाख वर्ग फुट)
यह इलाका आईटी और डेटा सेंटर गतिविधियों के लिए प्रीमियम माना जाता है, इसलिए सौदे की वैल्यू भी ऊंची रही।
टैक्स और शुल्क: कितनी स्टांप ड्यूटी लगी?
रियल एस्टेट कंसल्टेंट स्क्वेयर यार्ड्स के अनुसार, 2024 के सरकारी प्रावधानों के तहत इस ट्रांजैक्शन पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगी।
- केवल मेट्रो सेस: ₹5.59 लाख
यानी भारी रकम की डील के बावजूद टैक्स लायबिलिटी न्यूनतम रही।
NTT के साथ दूसरी बड़ी डील
यह कपूर परिवार की NTT ग्रुप के साथ दूसरी बड़ी ट्रांजैक्शन है। इससे पहले मई 2025 में भी बालाजी आईटी पार्क से जुड़ी एक अन्य प्रॉपर्टी 855 करोड़ रुपये में इसी कंपनी को बेची जा चुकी है। इससे साफ है कि ग्लोबल डेटा सेंटर प्लेयर्स मुंबई की हाई-ग्रेड कमर्शियल रियल एस्टेट में आक्रामक निवेश कर रहे हैं।
परिवार की बिज़नेस पृष्ठभूमि
- जीतेंद्र: 200+ फिल्मों के अनुभवी अभिनेता, साथ ही बालाजी टेलीफिल्म्स के प्रमोटर
- एकता कपूर: टीवी और फिल्म प्रोडक्शन की बड़ी नाम
- तुषार कपूर: अभिनेता होने के साथ-साथ प्रोड्यूसर और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट में सक्रिय
यह डील दिखाती है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बड़े नाम रियल एस्टेट जैसे हाई-वैल्यू एसेट्स से भी बड़ा रिटर्न निकाल रहे हैं।
- डेटा सेंटर सेक्टर की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, खासकर मुंबई जैसे टेक-हब में।
- न्यूनतम टैक्स (केवल मेट्रो सेस) ने सौदे को और आकर्षक बना दिया।
- लगातार दूसरी बार NTT को बिक्री बताती है कि यह लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक एग्ज़िट थी, न कि एक-बार की डील।
कुल मिलाकर, यह खबर फिल्मी कमाई से परे स्मार्ट एसेट मोनेटाइज़ेशन की मिसाल है।