Jaipur Literature Festival 2026: जयपुर में आज से साहित्य का महाकुंभ, 4 दिन में 500 वक्ता और 266 सत्र
गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर वैश्विक साहित्य और विचारों का केंद्र बनने जा रही है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शामिल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का 19वां संस्करण आज से शुरू हो रहा है। अगले चार दिनों तक जयपुर में देश-दुनिया के लेखक, विचारक और रचनाकार साहित्य, समाज और समकालीन मुद्दों पर मंथन करेंगे।
🌍 43 देशों की भागीदारी, 500 वक्ताओं का जमावड़ा
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में कुल 266 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें करीब 500 वक्ता भाग लेंगे। इस बार 43 देशों की भाषाओं और संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर मुख्य वक्ता रहेंगे, जबकि मंच पर नोबेल पुरस्कार विजेता, पुलित्जर अवॉर्ड विजेता और साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे गए लेखक भी मौजूद रहेंगे।
📚 हिंदी, राजस्थानी और भारतीय भाषाओं पर विशेष फोकस
फेस्टिवल में इस बार हिंदी, राजस्थानी साहित्य और क्षेत्रीय भारतीय आवाज़ों को विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय भाषाओं के साहित्य, अनुवाद और लोक परंपराओं पर केंद्रित सत्र इस संस्करण की खास पहचान रहेंगे।
🧠 राजनीति, विज्ञान और वैश्विक मुद्दों पर गहन विमर्श
साहित्य के साथ-साथ इतिहास, राजनीति, समाज, कला, विज्ञान और तकनीक पर गंभीर चर्चाएं होंगी। जियो-पॉलिटिक्स, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एस्ट्रोफिजिक्स और टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। भारत के पड़ोसी देशों में संघर्ष, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे संवेदनशील मुद्दे भी संवाद का हिस्सा होंगे।
🎶 पहले दिन संगीत और उर्दू शायरी का रंग
फेस्टिवल की शुरुआत सुबह 10 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में ‘मॉर्निंग म्यूजिक: नादा बिटवीन साउंड एंड साइलेंस’ से होगी। कर्नाटक संगीत के माध्यम से ध्वनि और मौन का संतुलन प्रस्तुत किया जाएगा। ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा इस सत्र में प्रस्तुति देंगे।
✒️ जावेद अख़्तर से कविता, सिनेमा और समाज पर संवाद
पहले दिन के प्रमुख आकर्षणों में गीतकार और शायर जावेद अख़्तर का सत्र शामिल है। वे कविता, फिल्मी गीतों और समाज के रिश्ते पर खुलकर चर्चा करेंगे। उर्दू शायरी और सिनेमा के उदाहरणों के साथ यह सत्र दर्शकों को खास अनुभव देने वाला रहेगा।
🏆 इंटरनेशनल बुकर विजेता बानु मुश्ताक का सत्र
सुबह 11 बजे फिक्शन सत्र ‘हार्ट लैम्प’ में इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 विजेता कन्नड़ लेखिका बानु मुश्ताक अपनी चर्चित कृति पर बातचीत करेंगी। इस संवाद का संचालन माउतुषी मुखर्जी करेंगी।
🌐 इतिहास, अनुवाद और यात्रा साहित्य पर खास सत्र
चारबाग मंच पर पुलित्जर पुरस्कार विजेता इतिहासकार फ्रेडरिक लोगेवॉल अमेरिका-वियतनाम युद्ध पर आधारित सत्र में भाग लेंगे। सूर्य महल में अनुवाद साहित्य पर केंद्रित ‘ट्वाइस टोल्ड टेल्स’ सत्र होगा, जबकि दरबार हॉल में संस्कृति और यात्रा से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की जाएगी।
🎤 दोपहर 12 बजे औपचारिक उद्घाटन
दोपहर 12 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में फेस्टिवल का औपचारिक उद्घाटन होगा। नमिता गोखले, विलियम डैलरिम्पल और संजॉय के रॉय उद्घाटन संबोधन में फेस्टिवल की दृष्टि और उद्देश्य साझा करेंगे।
📖 डॉ. करण सिंह की जीवनी का लोकार्पण
पहले दिन वरिष्ठ पत्रकार हरबंस सिंह द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘ए स्टेट्समैन एंड ए सीकर: द एक्स्ट्राऑर्डिनरी लाइफ एंड लेगेसी ऑफ डॉ. करण सिंह’ का लोकार्पण किया जाएगा। यह पुस्तक स्वतंत्र भारत के इतिहास, राजनीति और आध्यात्मिक यात्रा को गहराई से प्रस्तुत करती है।