जयपुर में अपहरण की सनसनी : टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को बंधक बनाकर मांगी 50 लाख की मांगी फिरौती…
राजधानी जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात टूर एंड ट्रैवल कारोबारी के अपहरण का मामला सामने आया। अपहरणकर्ताओं ने कारोबारी के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से अपहृत व्यक्ति की जान बचा ली गई। घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने टली बड़ी वारदात
सूत्रों के अनुसार, कारोबारी को देर शाम अज्ञात बदमाशों ने झांसे में लेकर अगवा कर लिया था। परिवार को मोबाइल कॉल के ज़रिए फिरौती की मांग की गई। सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित की और टेक्निकल सर्विलांस व स्थानीय मुखबिर नेटवर्क की मदद से संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने रातभर सर्च अभियान चलाया और कुछ ही घंटों में कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
फिरौती कॉल से खुला अपहरण का राज
परिजनों के मुताबिक, पहले उन्हें कारोबारी के मोबाइल से एक कॉल आई जिसमें 50 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। तकनीकी जांच में पता चला कि कॉल इंटरनेट कॉलिंग ऐप से की गई थी ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। हालांकि, साइबर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए बदमाशों तक पहुंच बना ली।
संभावित पुराने परिचितों पर पुलिस का शक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारोबारी के कुछ पुराने जानकार इस वारदात में शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि कारोबारी की दिनचर्या और रूटीन की जानकारी अपहरणकर्ताओं को पहले से थी।
जयपुर में बढ़ते अपराधों पर चिंता
राजधानी में हाल के महीनों में फिरौती और धमकी के मामलों में इज़ाफ़ा देखने को मिला है। यह घटना पुलिस की मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक क्षेत्रों में CCTV कवरेज, वाहन ट्रैकिंग और इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।
कारोबारियों ने मांगी अतिरिक्त सुरक्षा
इस घटना के बाद टूर एंड ट्रैवल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापार संघों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जगत लगातार असामाजिक तत्वों के निशाने पर है, ऐसे में निगरानी बढ़ाना ज़रूरी है।
पुलिस की तत्परता बनी मिसाल, पर सवाल अब भी बाकी
पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान बचाई बल्कि अपराधियों को यह संदेश भी दिया कि कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं। हालांकि, इस घटना ने यह साफ़ कर दिया है कि शहर में संगठित अपराधी नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहे हैं और पुलिस-प्रशासन को सतर्क रहना होगा।