जयपुर हादसा: पन्नीगरान में निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट धंसा, कई मजदूर मलबे में दबे…
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने शहर को झकझोर दिया। सुभाष चौक थाना क्षेत्र के पन्नीगरान मोहल्ले में एक चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट अचानक धंस गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे में पांच से सात मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। इनमें से दो को गंभीर हालत में निकालकर एसएमएस अस्पताल भेजा गया है।
घटना के वक्त इमारत में छत डालने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही मजदूरों ने कंक्रीट डालना शुरू किया, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर पड़ा और देखते ही देखते पूरा बेसमेंट धंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
सिविल डिफेंस, SDRF और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी मशीनों और हाथों से मलबा हटाने का काम जारी है। एडीसीपी दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने बताया कि सभी संसाधन लगाए गए हैं और फंसे मजदूरों को जल्द निकालने की कोशिश की जा रही है।
प्राथमिक जांच में अंदेशा जताया गया है कि यह हादसा कमजोर निर्माण सामग्री या इंजीनियरिंग त्रुटि की वजह से हुआ। सिविल डिफेंस के अमित शर्मा ने कहा कि संरचना की मजबूती की जांच की जा रही है।
यह घटना जयपुर में निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि सितंबर 2025 में भी इसी इलाके में एक पुरानी हवेली गिरने से दो लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद, कई निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी है।
नगर निगम हवामहल जोन की उपायुक्त सीमा चौधरी ने बताया कि सभी निर्माण स्थलों का निरीक्षण तेज किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वालों को नोटिस जारी होंगे।
स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते हैं और प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी जानी चाहिए थी। फिलहाल इलाके को पुलिस ने घेर लिया है, ताकि भीड़ न जुटे।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर शोक जताया है और घायलों के इलाज के लिए तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं। राहत कार्य देर रात तक जारी रहने की संभावना है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि शहरी विकास की दौड़ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मजदूरों की जान पर भारी पड़ रही है।