युद्धविराम की सालगिरह पर इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में नए हवाई हमले किए…
युद्धविराम की एक साल की सालगिरह पर इजरायली सेना ने गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ नए हवाई हमले किए। लेबनान की सरकार ने इजरायली दावों को खारिज किया और कहा कि सेना कानून और शांति बनाए रखने के लिए सक्रिय है।
इजरायली हवाई हमले और लक्ष्य
इज़रायली विमानों ने लिटानी नदी के उत्तर में अल-महमूदिया और अल-जरमक क्षेत्रों में हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य हिज़्बुल्लाह के हथियार भंडार, प्रक्षेपण स्थल और सैन्य चौकियों को निशाना बनाना बताया गया है। इज़रायल का दावा है कि यह समूह फिर से हथियारबंद होने से रोका जा रहा है।
लेबनान की प्रतिक्रिया और सेना की कार्रवाई
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इज़रायली दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लेबनानी सेना सशस्त्र प्रदर्शनों को रोक रही है, गोला-बारूद ज़ब्त कर रही है और सुरंगों का निरीक्षण कर रही है। इसका उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा बनाए रखना और नागरिकों की रक्षा करना है।
इज़रायल का दावा: हिज़्बुल्लाह को रोकना
इज़रायल ने कहा कि युद्धविराम के बाद से हिज़्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया गया। युद्धविराम के दौरान लगभग 1,200 लक्षित अभियानों और 370 से अधिक आतंकवादियों की कार्रवाई का दावा किया गया। इज़रायल का कहना है कि यह अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम हैं।
युद्धविराम की शर्तें और अमेरिकी दबाव
युद्धविराम के अनुसार, हिज़्बुल्लाह को लिटानी नदी के उत्तर में अपनी सेनाओं को हटाना था। अमेरिका लेबनान सरकार पर दबाव बना रहा है कि हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र किया जाए। लेबनानी सेना ने कहा कि वह इस योजना पर काम कर रही है, लेकिन वाशिंगटन और इज़रायल का आरोप है कि लेबनानी अधिकारियों ने प्रक्रिया में बाधा डाली।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार तनाव, युद्धविराम के बावजूद क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाता है। अमेरिका का दखल और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण के प्रयासों के बीच लेबनान की सेना नाजुक स्थिति में है। भविष्य में किसी भी कदम का सीधा असर इस क्षेत्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है।