ईरान ने कहा: अमेरिका पर भरोसा खो चुके हैं, लेकिन समझौते के लिए तैयार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा कम हो गया है, लेकिन परमाणु समझौते के लिए ईरान अभी भी वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के खतरों पर भी चेतावनी दी।
⚖️ अमेरिका पर अविश्वास, लेकिन वार्ता की इच्छा
अराघची ने सीएनएन को इंटरव्यू में कहा कि:
- ईरान ने अमेरिका पर वार्ताकार के रूप में भरोसा खो दिया है
- इस अविश्वास को दूर करना आवश्यक है
- कुछ मध्यस्थ और मित्र देश अब इस भरोसे को फिर से कायम करने की कोशिश कर रहे हैं
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन गलत सूचनाओं पर आधारित सैन्य कार्रवाई से गंभीर चिंता है।
📝 प्रतिबंध और समझौते का संकेत
अराघची ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर ईरान की मांग मान लेता है, तो ईरान आगे की बातचीत के लिए तैयार है।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले परमाणु हथियार न रखने का आश्वासन दिया
- ईरान इसे सकारात्मक समझौता मानता है
- प्रतिबंध हटाए जाने की स्थिति में समझौता संभव
⚠️ क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्ध की चेतावनी
अराघची ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध पूरा क्षेत्र प्रभावित कर सकता है।
- जून 2025 में ईरान-इजरायल 12 दिन का युद्ध उदाहरण के तौर पर बताया
- पिछले संघर्ष में दोनों पक्षों ने युद्ध के दायरे को सीमित करने की कोशिश की थी
- अमेरिका-ईरान युद्ध में क्षेत्रीय कई हिस्से अनिवार्य रूप से शामिल होंगे, जो खतरनाक साबित हो सकता है
📊 बातचीत और तनाव दोनों ही जारी
विशेषज्ञों के अनुसार:
- ईरान का संदेश स्पष्ट है: विश्वास कम हुआ है, लेकिन वार्ता संभव है
- अमेरिका की प्रतिक्रिया और प्रतिबंध हटाने की नीति अगले कदम तय करेगी
- क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर इस वार्ता का सीधा असर होगा