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ईरान पर हमले का ट्रंप ने दिया संकेत: विद्रोह में 648 मौतें, तनाव चरम पर


ईरान में दो हफ्तों से जारी जनविद्रोह अब अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। मरने वालों की संख्या 648 तक पहुंच चुकी है, सरकार सख्ती बढ़ा रही है और इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के संकेत देकर हालात और विस्फोटक बना दिए हैं। कूटनीति, धमकी, प्रतिबंध और सड़क पर संघर्ष—ईरान इस समय चारों तरफ से दबाव में है।


🔢 10 बड़े अपडेट


1️⃣ मौतों का आंकड़ा 648 के पार

अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में अब तक कम से कम 648 लोगों की मौत हो चुकी है। एजेंसी का दावा है कि यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।


2️⃣ सरकार का दावा: “हालात नियंत्रण में हैं”

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी राजनयिकों से कहा कि स्थिति पूरी तरह काबू में है। उन्होंने हिंसा के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया।


3️⃣ सड़कों पर उतरे सरकार समर्थक

तेहरान सहित कई शहरों में खामेनेई समर्थकों की रैलियां निकाली गईं। सरकारी चैनलों पर दिखाए गए इन प्रदर्शनों में “अमेरिका को मौत” और “इजरायल को मौत” जैसे नारे लगाए गए। विपक्ष का आरोप है कि कई लोग सरकार से पैसे लेकर इन रैलियों में शामिल हुए।


4️⃣ ट्रंप का सख्त संदेश: सैन्य कार्रवाई से नहीं डरते

व्हाइट हाउस ने साफ किया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य बल के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेंगे। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि कूटनीति पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपनी सैन्य ताकत दिखाने से नहीं हिचकेगा।


5️⃣ ईरान का जवाब: बातचीत हो सकती है, लेकिन शर्तों पर

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि अमेरिका के लिए बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन यह “एकतरफा दबाव या आदेश” पर आधारित नहीं होनी चाहिए। ईरान चाहता है कि वार्ता आपसी हितों और चिंताओं की मान्यता पर हो।


6️⃣ ट्रंप का आर्थिक वार: 25% टैरिफ की धमकी

ट्रंप ने ऐलान किया कि जो भी देश ईरान से व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार में 25% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने इसे “तुरंत लागू होने वाला अंतिम और निर्णायक आदेश” बताया।


7️⃣ अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी: “ईरान तुरंत छोड़ें”

ईरान में मौजूद अमेरिका के वर्चुअल दूतावास ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी। चेतावनी में कहा गया कि विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं, हिंसक हो सकते हैं और गिरफ्तारियों व आम जीवन में गंभीर बाधा की आशंका है।


8️⃣ ईरानी पुलिस का सख्त संदेश

सरकार ने नागरिकों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर चेताया कि भीड़ में “सशस्त्र और आतंकी तत्व” मौजूद हैं और किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। परिवारों से युवाओं को घर में रखने की अपील की गई।


9️⃣ पहली फांसी की तैयारी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 26 वर्षीय इरफान सोलटानी को प्रदर्शन से जुड़े मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। यदि यह अमल में आती है, तो यह मौजूदा आंदोलन से जुड़ी पहली फांसी मानी जाएगी।


🔟 आंदोलन की जड़: आर्थिक संकट और गिरती मुद्रा

विरोध 28 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब ईरानी रियाल ऐतिहासिक गिरावट पर पहुंच गया। एक डॉलर की कीमत 14 लाख रियाल से ऊपर चली गई। शुरुआत में आंदोलन महंगाई और बेरोजगारी जैसे आर्थिक मुद्दों पर था, लेकिन अब यह सीधे धार्मिक शासन के खिलाफ चुनौती में बदल गया है।


🔎 क्या टकराव युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

ईरान के अंदर जनाक्रोश और बाहर से अमेरिकी दबाव—दोनों मिलकर स्थिति को बेहद खतरनाक बना रहे हैं। ट्रंप की सैन्य चेतावनी, आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी और नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह इस ओर इशारा करती है कि वाशिंगटन किसी बड़े कदम के विकल्प खुले रखना चाहता है।
वहीं, ईरान बातचीत की बात तो कर रहा है, लेकिन अपने सख्त रवैये से पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा। ऐसे में आशंका है कि यह संकट सिर्फ आंतरिक विद्रोह तक सीमित न रहकर क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।

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