Iran-Israel War: खामेनेई की मौत के बाद भड़का टकराव, तेहरान पर इजरायल के लगातार मिसाइल हमले
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। ईरान ने बदले की चेतावनी दी है, जबकि इजरायल ने तेहरान में लगातार हवाई हमले कर संघर्ष को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
तेहरान में लगातार धमाकों से दहशत
सूत्रों के अनुसार इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान के कई रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाते हुए लगातार मिसाइल और एयर स्ट्राइक किए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुए विस्फोटों से लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यह हमला पिछले 24 घंटों में शुरू हुई सैन्य कार्रवाई का विस्तार माना जा रहा है।
ईरान का ऐलान: बदला जरूर लिया जाएगा
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि हमलों का जवाब दिया जाएगा और क्षेत्र में अमेरिकी तथा इजरायली हितों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान के भीतर राष्ट्रवादी भावनाएं तेजी से उभरती दिखाई दे रही हैं।
इजरायल पीछे हटने के मूड में नहीं
ईरान की चेतावनियों के बावजूद इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। रक्षा सूत्रों का कहना है कि हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और रणनीतिक ढांचे को कमजोर करना है।
विश्लेषकों के अनुसार यह अभियान केवल जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि लंबी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
मिडिल ईस्ट में व्यापक युद्ध का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच सीधा संघर्ष जारी रहा तो यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले सकता है। खाड़ी देश, अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और वैश्विक ऊर्जा बाजार इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
दुनिया की नजरें अब अगले कदम पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान जवाबी हमला कब और किस स्तर पर करेगा। यदि जवाबी कार्रवाई बड़े पैमाने पर होती है, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की अपील कर रहा है, लेकिन जमीन पर हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं।