ट्रंप की चेतावनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने जयशंकर से की बात, संकट पर हुई अहम चर्चा
ईरान में बिगड़ते हालात और अमेरिका की सख्त चेतावनियों के बीच भारत और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच सीधी बातचीत हुई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने फोन पर हालिया घटनाक्रम और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। यह बातचीत भारत द्वारा ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करने के कुछ ही घंटों बाद हुई।
🟦 क्या हुई जयशंकर–अराघची बातचीत में?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा,
“ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास उभरती स्थिति पर चर्चा की।”
इस बातचीत में दोनों नेताओं ने तेजी से बदल रहे हालात और सुरक्षा स्थिति पर विचार साझा किया।
🟦 भारत ने क्यों जारी की एडवाइजरी?
ईरान में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता को देखते हुए भारत सरकार ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने:
- छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को यथाशीघ्र ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
- नागरिकों से कहा है कि वे प्रदर्शन स्थलों से दूर रहें,
- पासपोर्ट और पहचान पत्र हमेशा साथ रखें,
- और दूतावास के संपर्क में बने रहें।
रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीयों को दूतावास में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी गई है।
🟦 ईरान में हालात कितने गंभीर?
ईरान के कई शहरों में जारी प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा की खबरें हैं।
- ईरानी अधिकारियों ने अब तक करीब 2,500 लोगों की मौत स्वीकार की है।
- वहीं, मानवाधिकार संगठन इससे कहीं अधिक संख्या का दावा कर रहे हैं।
देशभर में अशांति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
🟦 ट्रंप की चेतावनी से क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आयतुल्ला अली खामेनेई सरकार को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रदर्शनकारी की हत्या होती है तो उसके “गंभीर परिणाम” होंगे।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें मदद दी जा रही है और उन्होंने सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने जैसे बयान भी दिए हैं।
इन बयानों के बाद ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका और बढ़ गई है।
🟦 अमेरिका ने अपने नागरिकों को भी दी चेतावनी
अमेरिकी प्रशासन ने भी अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
- उन्हें आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते निकलने पर विचार करने को कहा गया है।
- अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी के अनुसार, प्रदर्शन और हिंसा और तेज हो सकती है।
- कई एयरलाइंस ने ईरान के लिए उड़ानें सीमित या रद्द कर दी हैं और कुछ सेवाएं 16 जनवरी तक निलंबित हैं।
🟦 भारत के लिए क्या मायने रखता है यह संपर्क?
जयशंकर और अराघची की बातचीत ऐसे समय हुई है, जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा है।
- साथ ही, पश्चिम एशिया में किसी बड़े सैन्य टकराव का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।
इसलिए दोनों देशों के बीच सीधा संवाद मौजूदा हालात में कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।