स्वदेशी ताकत से मजबूत हुआ नौसेना बेड़ा: INS अंजदीप की एंट्री, पनडुब्बी दुश्मनों पर बढ़ेगी निगरानी
भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती मिली है। स्वदेशी इस्पात से निर्मित अत्याधुनिक एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट INS अंजदीप अब आधिकारिक रूप से नौसेना बेड़े का हिस्सा बन गया है। यह युद्धपोत समुद्र में छिपे दुश्मनों की पनडुब्बियों पर नजर रखने और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
🚢 तीसरा ASW-SWC कार्वेट बना INS अंजदीप
INS अंजदीप भारतीय नौसेना के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) कार्यक्रम का तीसरा जहाज है। इससे पहले INS अरनाला और INS एंड्रोथ नौसेना में शामिल हो चुके हैं।
इन आधुनिक कार्वेट्स का उद्देश्य उथले समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन पनडुब्बियों की पहचान, ट्रैकिंग और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करना है।
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक गतिविधियों के बीच भारत की पनडुब्बी रोधी क्षमता बढ़ाना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🏗️ स्वदेशी निर्माण और SAIL की अहम भूमिका
इस युद्धपोत के निर्माण में देश की महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी आपूर्ति की। जहाज का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा किया गया।
करीब 3,500 टन स्पेशल-ग्रेड स्टील बोकारो, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्रों से उपलब्ध कराया गया।
रक्षा परियोजनाओं में घरेलू उद्योगों की भागीदारी भारत की रक्षा सप्लाई चेन को मजबूत बनाती है और विदेशी निर्भरता कम करती है।
⚔️ अभय-श्रेणी के पुराने जहाजों की जगह लेगा नया बेड़ा
ASW-SWC परियोजना भारतीय नौसेना के पुराने हो चुके अभय-श्रेणी जहाजों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना का हिस्सा है।
नए कार्वेट्स आधुनिक सेंसर, सोनार सिस्टम और तेज प्रतिक्रिया क्षमता से लैस हैं।
पुराने प्लेटफॉर्म हटाकर आधुनिक युद्धपोत शामिल करना नौसेना की ऑपरेशनल रेडीनेस और समुद्री प्रभुत्व को मजबूत करता है।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रणनीतिक उपलब्धि
INS अंजदीप का शामिल होना रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। SAIL पहले भी INS विक्रांत, INS उदयगिरि, INS नीलगिरी और INS सूरत जैसी परियोजनाओं के लिए स्टील उपलब्ध करा चुका है।
स्वदेशी युद्धपोत निर्माण भारत को वैश्विक रक्षा उत्पादन श्रृंखला में मजबूत खिलाड़ी बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
🌊 भारत की समुद्री सुरक्षा को क्या मिलेगा फायदा?
- पनडुब्बी रोधी क्षमता में वृद्धि
- तटीय निगरानी मजबूत
- उथले समुद्री क्षेत्रों में तेज ऑपरेशन
- हिंद महासागर में रणनीतिक बढ़त
विशेष टिप्पणी:
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म भारत की “ब्लू वाटर नेवी” बनने की दिशा को गति देते हैं।