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भारतीय अर्थव्यवस्था का झंडा बुलंद, दुनिया की गति धीमी….

वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। जबकि चीन, जापान, अमेरिका और यूरोपीय देशों की वृद्धि धीमी है, भारत ने जून तिमाही में 7.5 फीसदी से अधिक की जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाता है।

जून तिमाही के आंकड़े: भारत का शानदार प्रदर्शन

हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार जून तिमाही में चीन और इंडोनेशिया की जीडीपी वृद्धि दर 5.2 फीसदी रही, अमेरिका 2.1 फीसदी, जापान और यूके 1.2 फीसदी, फ्रांस 0.7 फीसदी, मेक्सिको 0 फीसदी और जर्मनी -0.2 फीसदी रही। भारत की 7.5 फीसदी से अधिक की वृद्धि इसे वैश्विक तुलना में सबसे आगे रखती है।

हार्वर्ड के अर्थशास्त्री ने साझा किया ग्राफ

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के जेसन फरमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं के कोरोना महामारी के बाद के जीडीपी प्रदर्शन का ग्राफ साझा किया। इसमें स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि भारत ने लगातार बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपने प्रदर्शन को कायम रखा है, जबकि रूस, अमेरिका, चीन और यूरोपीय देशों ने महामारी के बाद अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया है।

भारत की राह: दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

भारत की अनुमानित जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर है और देश 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 7.8 फीसदी की तेजी से वृद्धि दर्ज हुई, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर की अहम भूमिका रही।

आर्थिक बढ़त के पीछे कारक

केंद्र सरकार के अनुसार, इस वृद्धि को बढ़ावा देने में निजी निवेश में तेजी, उपभोक्ता विश्वास, वेतन वृद्धि और मजबूत कृषि उत्पादन से बढ़ती ग्रामीण मांग महत्वपूर्ण रही। इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के लेटेस्ट आंकड़े भी भारत के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।

आईएमएफ के अनुमान: भारत की रफ्तार बरकरार

आईएमएफ के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.6 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। इसके विपरीत, चीन की विकास दर 4.8 फीसदी तक धीमी होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक विकास धीमा होने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती से आगे बढ़ रही है।

स्थिर ग्रोथ में भारत की मजबूती

इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. मनोरंजन शर्मा का मानना है कि भारत की स्थिर ग्रोथ का श्रेय बढ़ती घरेलू खपत, मैन्युफैक्चरिंग रिवाइवल और सर्विस सेक्टर की मजबूत परफॉर्मेंस को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि वैश्विक मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था निवेशकों और विशेषज्ञों के लिए आकर्षक बनी हुई है।

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