ईरान की बजाय भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, ट्रंप ने कही बड़ी बात
ट्रंप ने एयर फोर्स वन से दी जानकारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार, 31 जनवरी को कहा कि भारत ईरान से तेल खरीदने की बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। यह घोषणा उन्होंने वाशिंगटन डी.सी. से फ्लोरिडा की उड़ान के दौरान एयर फोर्स वन पर मीडिया से बातचीत में की।
ट्रंप ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच ‘कॉन्सेप्ट ऑफ डील’ पर समझ बन चुकी है। इसका मतलब है कि डील का मूलभूत ढांचा तय हो गया है, हालांकि इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। भारत की तरफ से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
चीन को भी शामिल करने का सुझाव
ट्रंप ने कहा कि यदि चीन वेनेजुएला से तेल खरीदना चाहे, तो अमेरिका के साथ तालमेल करके इसे किया जा सकता है। उनका कहना था कि इस पहल में सभी देशों का स्वागत है।
अमेरिका की अगुवाई में होगा वेनेजुएला से तेल निर्यात
ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से तेल निर्यात फिर से शुरू होने वाला है, और इसमें अमेरिका प्रमुख नेतृत्व निभाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया “बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है” और जल्द ही दुनिया के कई देश वेनेजुएला का तेल लेना शुरू करेंगे।
ट्रंप ने कहा,
“हम दुनिया के देशों को आमंत्रित कर रहे हैं। वे तेल लेना शुरू करेंगे, और हम इस पूरी योजना का नेतृत्व करेंगे। अब तक यह बहुत अच्छे से काम कर रही है।”
वेनेजुएला का तेल और चुनौतीपूर्ण हालात
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों में से एक हैं।
- लेकिन बीते दशक में तेल उत्पादन क्षमता गिर गई।
- इसके पीछे वजहें हैं: आर्थिक संकट, जर्जर बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध।
इस नई पहल के जरिए ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य है कि वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल हो और वेनेजुएला का उत्पादन बढ़े।
भारत-वेनेजुएला तेल डील का महत्व
- ईरान से तेल पर निर्भरता घटाना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम कदम।
- अमेरिका की अगुवाई से यह पहल वैश्विक भू-राजनीति और तेल मार्केट पर असर डाल सकती है।
- वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार और भारत की बढ़ती मांग मिलकर नए व्यापारिक अवसर पैदा करेंगे।