India-US Trade Deal Impact: डॉलर के मुकाबले 119 पैसे उछला रुपया, बाजार में लौटा भरोसा
नई दिल्ली:
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति की खबर ने मंगलवार सुबह विदेशी मुद्रा बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया। अमेरिकी शुल्क में कटौती के ऐलान के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 119 पैसे की मजबूती के साथ 90.30 पर पहुंच गया। फॉरेक्स बाजार के जानकारों का कहना है कि इस डील ने भारत की वैश्विक आर्थिक साख को और मजबूत किया है।
शुरुआती कारोबार में रुपये की बड़ी छलांग
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.30 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 91.49 पर बंद हुआ था। यानी एक ही झटके में 119 पैसे की मजबूती देखने को मिली, जो हाल के महीनों की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़तों में से एक मानी जा रही है।
अमेरिकी शुल्क कटौती से बदली तस्वीर
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाए जाने से निवेशकों का सेंटिमेंट तेजी से सुधरा है। इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत पोजिशन मिलने की उम्मीद है और विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार फिर से आकर्षक बन सकता है।
डॉलर इंडेक्स कमजोर, रुपये को मिला सपोर्ट
इस दौरान छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20% गिरकर 97.43 पर आ गया। डॉलर में नरमी ने भी रुपये की मजबूती को अतिरिक्त सहारा दिया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 0.41% की गिरावट के साथ 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है और इससे रुपये पर दबाव कम होता है।
FII बिकवाली के बावजूद रुपये में मजबूती
हालांकि शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 1,832.46 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, इसके बावजूद रुपये में तेज उछाल यह संकेत देता है कि ट्रेड डील की खबर ने बाजार की धारणा को पलट दिया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने न सिर्फ व्यापार बल्कि करेंसी बाजार में भी सकारात्मक संदेश दिया है। टैरिफ कटौती, कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की नरमी—इन तीनों फैक्टर्स ने मिलकर रुपये को मजबूती दी है। आने वाले दिनों में अगर विदेशी निवेशकों की वापसी होती है, तो रुपया और स्थिर हो सकता है।