🔴 India–US Trade Deal: ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़त, कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं—पीयूष गोयल
नई दिल्ली | संसद डेस्क
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील से ‘मेक इन इंडिया’ को फायदा होगा, जबकि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।
🏛️ लोकसभा में सरकार का पक्ष
बुधवार को लोकसभा में बयान देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता 140 करोड़ भारतीयों की जरूरतों और आजीविका की सुरक्षा है।
🌾 कृषि और डेयरी पूरी तरह सुरक्षित
वाणिज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर सख्त रुख अपनाया।
गोयल के मुताबिक, इन क्षेत्रों से जुड़े किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।
🤝 भारत-अमेरिका के बीच लगातार संवाद
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच इस ट्रेड डील को लेकर अलग-अलग स्तरों पर नियमित और गहन चर्चा चल रही है। दोनों देश अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के अहम और संवेदनशील सेक्टर को सुरक्षित रखते हुए समझौते को आगे बढ़ा रहे हैं।
📉 18% टैरिफ पर क्या बोले गोयल
टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने पर गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत पर लगाया गया शुल्क कई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जो भारतीय उद्योगों के लिए सकारात्मक संकेत है।
🚜 विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
विपक्ष द्वारा डील को किसानों के खिलाफ बताए जाने पर गोयल ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने दावा किया कि यह ट्रेड डील नए व्यापार अवसरों और रोजगार सृजन का रास्ता खोलेगी।
✈️ किन सेक्टरों में दिख रही है बड़ी संभावना
पीयूष गोयल के अनुसार,
- विमानन
- डेटा सेंटर
- परमाणु ऊर्जा
जैसे क्षेत्रों में भारत को अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है और अमेरिका इन सेक्टरों में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
⚠️ संसद में हंगामे पर नाराज़गी
गोयल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लगातार हंगामे के कारण ट्रेड डील जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पा रही, जो देशहित में नहीं है।
🔄 लोकसभा में गतिरोध बरकरार
बुधवार को भी विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही।
यह गतिरोध बजट सत्र के दौरान लगातार बना हुआ है, जिसका केंद्र पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब से जुड़े बयान हैं।
🗣️ राहुल गांधी का बयान
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री लोकसभा में आते हैं, तो वे उन्हें पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे की किताब भेंट करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी तत्कालीन सेना प्रमुख पर डाल दी थी।
📊 सरकार क्या संदेश देना चाहती है
पीयूष गोयल का बयान साफ संकेत देता है कि सरकार ट्रेड डील को विकास और निवेश का अवसर मान रही है, लेकिन कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
साथ ही, यह बयान विपक्ष के आरोपों का सीधा जवाब भी माना जा रहा है।