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ISA SIDS मंत्री स्तरीय बैठक में भारत की बड़ी भूमिका, ऊर्जा सुरक्षा पर गूँजा भारत का संदेश…

नई दिल्ली। इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के SIDS (Small Island Developing States) प्लेटफ़ॉर्म की मंत्री स्तरीय बैठक में भारत ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, सौर क्षमता और टिकाऊ विकास को लेकर अपना प्रभावशाली दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा। बैठक में ‘Uniting Islands, Inspiring Action – Leadership for Energy Security’ विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया गया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों और पहल का विस्तृत विवरण पेश किया गया।

बैठक के दौरान भारत की ओर से यह जोर दिया गया कि जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर छोटे द्वीपीय देशों पर पड़ रहा है, इसलिए ऊर्जा के सुरक्षित, किफायती और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस दिशा में इंटरनेशनल सोलर अलायंस की पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसका हिस्सा बनकर आज 124 देश एक वैश्विक सौर परिवार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।

भारत की दूरदर्शी नीतियों पर चर्चा

मुख्य वक्तव्य में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रमुख योजनाओं—PM Surya Ghar Yojana और PM-KUSUM—का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बताया गया कि:

PM Surya Ghar योजना ने शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप अपनाने की दर में ऐतिहासिक वृद्धि की है।

PM-KUSUM योजना ने किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप उपलब्ध कराकर न सिर्फ उनकी लागत घटाई है, बल्कि उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा बेचकर आमदनी का नया साधन भी दिया है।

इन नीतियों ने जमीनी स्तर पर परिवर्तनकारी प्रभाव पैदा किए हैं और भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया है।

ISA की उपलब्धियों और सहयोग पर संतोष

भारत की ओर से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटा जा सकता है। ISA ने पिछले कुछ वर्षों में न सिर्फ सदस्य देशों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि सौर परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

“ISA के माध्यम से 124 देश आज सौर ऊर्जा को वैश्विक समाधान के रूप में अपना रहे हैं—यह विश्व समुदाय की एकजुटता और साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

इस सफल आयोजन के लिए भारत ने ISA नेतृत्व को बधाई दी और छोटे द्वीपीय देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत के निरंतर सहयोग का आश्वासन भी दिया।

ऊर्जा सुरक्षा: भविष्य की दिशा

बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि यदि विश्व को 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करना है तो:

सौर परियोजनाओं में निवेश बढ़ाना होगा

छोटे द्वीपीय देशों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्राथमिकता से देनी होगी

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए साझेदारी और नवाचार को मजबूत करना होगा

भारत ने कहा कि वह भविष्य में भी ISA के माध्यम से दुनिया के विकासशील देशों—विशेषकर SIDS—को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

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