एक साल में सिनेमा जगत ने खोए कई दिग्गज चेहरे — यादों में रहेंगे पर्दे के ये सितारे…
मनोज कुमार: देशभक्ति फिल्मों के प्रतीक ‘भारत कुमार’ का अंत
भारतीय सिनेमा के इतिहास में मनोज कुमार का नाम अमर रहेगा। 87 वर्षीय दिग्गज अभिनेता और निर्देशक ने 4 अप्रैल 2025 को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘क्रांति’ और ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी फिल्मों से उन्होंने देशभक्ति की नई परिभाषा गढ़ी थी। वे न सिर्फ अभिनेता, बल्कि विचारक और फिल्मकार भी थे, जिन्होंने भारतीय समाज की आत्मा को बड़े पर्दे पर साकार किया। उनके निधन से सिनेमा का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया।
रविकुमार मेनन: दक्षिण भारतीय सिनेमा का बहुमुखी चेहरा
तमिल और मलयालम फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता रविकुमार मेनन का 4 अप्रैल 2025 को चेन्नई में लंग कैंसर से निधन हो गया। 71 वर्ष की आयु में उन्होंने अभिनय की लंबी पारी पूरी की। 1970 के दशक में शुरू हुआ उनका सफर सैकड़ों फिल्मों तक फैला, जहां उन्होंने नायक से लेकर सहायक भूमिकाओं तक में अपनी पहचान बनाई। रविकुमार अपनी सादगी और सशक्त अभिनय के लिए दर्शकों के बीच हमेशा याद किए जाएंगे।
बैंक जनार्दन: कन्नड़ फिल्मों का हास्य स्तंभ
कन्नड़ इंडस्ट्री के वरिष्ठ कलाकार बैंक जनार्दन का 13 अप्रैल 2025 को बेंगलुरु में निधन हुआ। 76 वर्षीय जनार्दन ने फिल्मों और टीवी दोनों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। ‘पापा पांडू’ जैसे धारावाहिकों में उनके हल्के-फुल्के किरदार लोगों को खूब पसंद आए। उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को दशकों तक गुदगुदाया। जनार्दन की कमी कन्नड़ मनोरंजन जगत में लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
अस्सरानी: हंसी के सम्राट ने कहा अलविदा
‘शोले’ के मशहूर जेलर और हास्य अभिनय के उस्ताद गोवर्धन अस्सरानी का 20 अक्टूबर 2025 को निधन हुआ। 84 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ी, जिसने बॉलीवुड के हर दौर को छुआ। अस्सरानी ने 350 से अधिक फिल्मों में काम किया और हर बार अपने अलग अंदाज से दर्शकों को हंसाया। उनकी सहज कॉमेडी और संवाद शैली ने उन्हें पीढ़ियों तक यादगार बना दिया।
Zarine Khan का निधन — एक प्यार भरी विरासत के साथ
81 वर्ष की आयु में बॉलीवुड व परादा-जगत की मशहूर हस्ती Zarine Khan का 7 नवंबर 2025 को मुंबई स्थित आवास में निधन हो गया। उनके निधन का कारण मुख्य रूप से उम्र-संबंधित स्वास्थ्य जटिलताएं मानी जा रही हैं।
Zarine, जिनका मूल नाम Zarine Katrak था, ने 1960-70 के दशक में कुछ फिल्मों में काम किया था, जिसमें ‘Tere Ghar Ke Saamne’ और ‘Ek Phool Do Mali’ शामिल हैं। बाद में उन्होंने अभिनय से हटकर इंटीरियर डिजाइनिंग, किताब-लेखन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई
साल 2025 भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए भावनात्मक रूप से भारी साबित हुआ। अलग-अलग भाषाओं और शैलियों के ये चारों कलाकार सिनेमा की विविधता का प्रतीक थे — मनोज कुमार की देशभक्ति, अस्सरानी की कॉमेडी, रविकुमार की अभिनय गहराई और जनार्दन की सादगी। इन सभी ने अपने-अपने अंदाज में भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। आने वाले वर्षों में उनका योगदान नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।