गुरुग्राम में बैंक मैनेजर की सूझबूझ से बुजुर्ग की जिंदगीभर की जमा-पूंजी बची, ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी में 6 करोड़ की धोखाधड़ी नाकाम…
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक बड़ी साइबर ठगी वारदात को एक्सिस बैंक के संबंध प्रबंधक (रिलेशनशिप मैनेजर) मीत साबरवाल ने अपनी सतर्कता से होने से रोक लिया। यह मामला कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का था, जिसमें साइबर अपराधियों ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी और लगातार वीडियो कॉल पर रखकर भारी-भरकम रकम ट्रांसफर करवाने की कोशिश की।
ठगों ने बुजुर्ग को डर और दबाव में रखकर कई खातों में पैसा भेजने को कहा। पीड़ित लगातार करोड़ों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करता जा रहा था। इसी दौरान एक्सिस बैंक के मैनेजर मीत साबरवाल की नजर बुजुर्ग के खाते से तेज़ी से हो रहे बड़े-बड़े लेनदेन पर पड़ी। रकम का पैटर्न संदिग्ध देखकर उन्होंने तत्काल इसकी जांच शुरू की।
हालत की गंभीरता समझते हुए उन्होंने तुरंत उन बैंकों से संपर्क किया जहां पैसे भेजे जा रहे थे। फौरन कार्रवाई करते हुए पैसे रिसीव करने वाले खातों पर होल्ड लगवा दिया गया, जिससे करोड़ों की राशि आगे निकलने से बच गई। इस सक्रियता की वजह से बुजुर्ग व्यक्ति की 6 करोड़ रुपये से अधिक की जीवनभर की जमा पूंजी लुटने से बच गई।
इस घटना ने फिर चेताया है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी एजेंसियों का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर रखने और पैसे ट्रांसफर करवाने वाले स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। गुरुग्राम घटना में बैंक अधिकारी की समझदारी ने न केवल एक बड़े धोखे को रोक दिया बल्कि साइबर फ्रॉड से निपटने में बैंकिंग सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका भी साबित की।