अलवर में निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई पर उठे सवाल, कुछ ठेले हटे… कुछ छूटे, लोगों में नाराज़गी
अलवर शहर में नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को निगम से लेकर काशीराम क्षेत्र तक सड़क किनारे लगे अवैध ठेलों और बोर्डों को हटाया गया। निगम की टीम ने कई जगहों से सामान जब्त कर ट्रैक्टर में भर दिया, लेकिन कुछ स्थानों पर टीम बिना कार्रवाई किए आगे बढ़ गई। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष देखने को मिला और कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम मनमर्जी से काम कर रहा है—कहीं सामान उठाया जा रहा है, तो कहीं खुला छोड़ दिया जाता है। सुगना बाई धर्मशाला के पास सड़क पर लगा एक बड़ा अवैध ठेला बिना हटाए छोड़ दिया गया, जबकि बाकी ठेले हटाए गए। इस दौरान अधिकारियों की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एईएन राजकुमार एआरआई निशा को कहते दिख रहे हैं कि “यहां तो रात में ही ठेले लगते हैं, यह अपने आप हटा लेंगे।”
इसी असमान कार्रवाई को लेकर आसपास के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम को एकसमान नियम लागू करने चाहिए, ताकि किसी को पक्षपात का अहसास ना हो।
एआरआई निशा लखानी का पक्ष
अतिक्रमण निरोधक अधिकारी निशा लखानी ने बताया कि अभियान बड़े स्तर पर चल रहा है और सड़क पर रखा हर अवैध सामान हटाया जा रहा है। निगम की टीम ने पहले से ही दुकानदारों को नोटिस देकर चेतावनी दी थी, लेकिन अनदेखी करने पर कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उनके पास बाहर सामान लगाने की अनुमति के कागज़ हैं। ऐसे लोगों को समय दिया गया है कि वे दस्तावेज़ प्रस्तुत करें। यदि वे कागज़ नहीं दिखाते, तो रसीद काटकर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
“टीम नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने का काम कर रही है। जिनके पास वैध दस्तावेज़ हैं, उन्हें दिखाने का समय दिया गया है। अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”