इमरान खान के बेटों का आरोप: जेल में पिता को टॉर्चर, शायद फिर ना देख पाएं….
जेल में इमरान खान की स्थिति गंभीर
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में हालात को लेकर उनके बेटों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कासिम और सुलेमान खान का कहना है कि उनके पिता को “मनोवैज्ञानिक यातना” दी जा रही है और वह पूरी तरह आइसोलेशन में हैं।
अगस्त 2023 से जेल में बंद
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें राज्य के उपहारों को अवैध रूप से बेचने के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। खान का कहना है कि उनके खिलाफ ये मामले राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं, जो उनकी 2022 में सत्ता से बेदखली के बाद शुरू हुए।
बेटों ने बताई जेल की भयावह स्थिति
कासिम ने कहा कि उनके पिता को पिछले दो साल से एकांतवास में रखा गया है। उन्हें गंदा पानी मिलता है और ऐसे कैदियों के बीच रखा गया है जो हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कासिम ने कहा,
“हालात बेहद खराब हैं और वह पूरी तरह आइसोलेट हैं। हमें डर है कि शायद हम उन्हें फिर कभी देख न पाएं।”
सुलेमान ने बताया कि उनके पिता का सेल “डेथ सेल” कहलाता है, जहां वह रोज़ाना 23 घंटे बिताते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून के मानकों का उल्लंघन
सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पिता को ऐसे हालात में रखा गया है जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के अनुरूप नहीं हैं। ये आरोप इमरान खान की बहन उजमा खानुम के हालिया बयान से भी मेल खाते हैं, जिन्होंने जेल में मुलाकात के बाद बताया था कि खान मानसिक दबाव और एकांतवास का सामना कर रहे हैं।
कासिम ने स्पष्ट किया कि उनके पिता किसी सौदे के लिए तैयार नहीं हैं और वह अपने साथियों को जेल में छोड़कर बाहर नहीं आएंगे। उनका कहना है कि पाकिस्तान को भ्रष्टाचार से मुक्त करना उनके पिता का प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए वह इन हालात में रहना पसंद करेंगे।
राजनीतिक प्रतिशोध या मानवाधिकार संकट?
इमरान खान के बेटों के आरोप पाकिस्तान में बढ़ते राजनीतिक तनाव और जेल प्रशासन की कठोर रणनीति पर सवाल उठाते हैं। यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध और मानवाधिकार उल्लंघन के बीच की जटिल स्थिति को उजागर करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नजरिए से भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है।