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‘अगर मैं पीता तो…’ ट्रंप ने क्यों कहा कि उनमें है ‘एडिक्टिव पर्सनैलिटी’? जानिए बयान के पीछे की असली कहानी

सूसी वाइल्स के बयान पर ट्रंप की खुली स्वीकारोक्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के एक तीखे बयान पर चौंकाने वाला लेकिन साफ जवाब दिया है। वाइल्स ने कहा था कि ट्रंप में “शराबी जैसी पर्सनैलिटी” है। इस पर ट्रंप ने पलटवार करने के बजाय इसे स्वीकार करते हुए कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि शराब नहीं पीते, क्योंकि अगर पीते तो शायद नशे के आदी बन जाते।


ट्रंप का बयान: ‘मुझमें एडिक्टिव टाइप पर्सनैलिटी है’

न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,

“अगर मैं ड्रिंक करता, तो बहुत संभावना थी कि मैं एडिक्ट बन जाता। मैंने यह बात पहले भी कही है—मुझमें व्यसनी किस्म का व्यक्तित्व है।”

हालांकि, ट्रंप ने इसे कमजोरी नहीं बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके मुताबिक, यही व्यक्तित्व उन्हें बेहद फोकस्ड, लक्ष्य-केन्द्रित और हार न मानने वाला बनाता है।


‘शराबी जैसी पर्सनैलिटी’ से क्या मतलब था?

सूसी वाइल्स ने वैनिटी फेयर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका व्यक्तित्व बहुत बड़ा और तीव्र होता है—जैसा अक्सर हाई-फंक्शनिंग अल्कोहलिक्स में देखा जाता है।
उनका कहना था कि ट्रंप में वही अतिशय आत्मविश्वास, ऊर्जा और जुनून है, फर्क सिर्फ इतना है कि वह शराब नहीं पीते।


वाइल्स का तर्क: क्यों ट्रंप को कुछ भी असंभव नहीं लगता

वाइल्स ने कहा कि ट्रंप का व्यक्तित्व ऐसा है कि वह किसी भी काम को करते समय यह मानकर चलते हैं कि

“ऐसा कुछ भी नहीं है जो वह नहीं कर सकते—कुछ भी नहीं, शून्य।”

यही ‘एडिक्टिव ड्राइव’ उन्हें एक विचार पर पूरी तरह टिके रहने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में मदद करती है।


पारिवारिक अनुभव से आया नजरिया

सूसी वाइल्स ने बताया कि उनके पिता, मशहूर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट पैट समरॉल, शराब की लत से जूझ चुके थे। इसी वजह से उन्हें ऐसे “बड़े और तीखे व्यक्तित्वों” को समझने का अनुभव है। उनके मुताबिक, ट्रंप का स्वभाव उसी श्रेणी में आता है—लेकिन बिना शराब के।


व्हाइट हाउस के अंदरूनी खुलासे भी किए

अपने इंटरव्यू में वाइल्स ने सिर्फ ट्रंप तक बात सीमित नहीं रखी।

  • उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को “कॉनस्पिरेसी थ्योरिस्ट” कहा, जिस पर वेंस ने हल्के अंदाज में जवाब दिया।
  • एफबीआई निदेशक काश पटेल की तारीफ की, लेकिन एपस्टीन फाइलों को लेकर उनकी शुरुआती आशंकाओं को गलत बताया।
  • अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने एपस्टीन मामले को ठीक से हैंडल नहीं किया।

कमजोरी नहीं, ट्रंप की ब्रांड इमेज

ट्रंप का यह बयान कोई आत्मस्वीकृति भर नहीं है, बल्कि उनकी पॉलिटिकल ब्रांडिंग का हिस्सा भी है। वह अपनी ‘एडिक्टिव पर्सनैलिटी’ को नकारात्मक आदतों से जोड़ने के बजाय
✔ जुनून
✔ अटूट आत्मविश्वास
✔ और लक्ष्य-साधना
के रूप में पेश कर रहे हैं।

यह संदेश उनके समर्थकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश है कि वही गुण उन्हें एक निर्णायक और अडिग नेता बनाते हैं।

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