बीजिंग ने कैसे जीती साफ हवा की जंग? चीन ने भारत को दिए 6 गेम‑चेंजिंग टिप्स
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर खतरनाक
दिल्ली‑NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। AQI लगातार 400‑500 के पार है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इसी बीच, चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीन के अनुभव साझा करते हुए भारत को प्रदूषण कम करने के टिप्स दिए।
यू जिंग का संदेश: चीन और भारत की समान चुनौतियां
यू जिंग ने कहा कि तेज शहरीकरण के कारण दोनों देश वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, पिछले एक दशक में चीन ने लगातार प्रयास करके प्रदूषण में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से बताया कि चीन ने कैसे बीजिंग की हवा को साफ किया।
चीन के 6 गेम‑चेंजिंग उपाय
- कड़े उत्सर्जन नियम लागू करें – यूरो 6 जैसी अल्ट्रा-सख्त मानक अपनाएं।
- पुराने उच्च-उत्सर्जन वाहनों को हटाएं – धीरे-धीरे पुराने वाहन हटाकर प्रदूषण कम करें।
- कारों की संख्या नियंत्रित करें – लाइसेंस प्लेट लॉटरी और ऑड‑ईवन/वीकडे ड्राइविंग नियम लागू करें।
- सार्वजनिक परिवहन का विस्तार – दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो और बस नेटवर्क का निर्माण।
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दें – इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में तेजी से कदम।
- क्षेत्रीय समन्वय – पड़ोसी इलाकों के साथ मिलकर उत्सर्जन कम करना (जैसे बीजिंग‑तियानजिन‑हेबेई क्षेत्र)।
बीजिंग के नतीजे और दिल्ली की स्थिति
चीन का कहना है कि 2013 से बीजिंग में PM2.5 का स्तर 60% से अधिक कम हो गया है। वहीं, दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण चरम पर रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सख्त प्रवर्तन और क्षेत्रीय सहयोग चीन मॉडल की सफलता की कुंजी हैं, जिन्हें भारत भी अपना सकता है।
हालांकि, कुछ आलोचक इसे चीन की सेल्फ‑प्रमोशन भी मान रहे हैं। बताते चलें कि दिल्ली में GRAP-4 लागू है, लेकिन प्रदूषण पर पूर्ण नियंत्रण अभी तक नहीं हो पाया है।
चीन के अनुभव से भारत सीख सकता है कि कड़े नियम, क्षेत्रीय समन्वय और सार्वजनिक परिवहन का विकास वायु प्रदूषण को प्रभावी तरीके से कम कर सकता है। दिल्ली‑NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्थानीय उपायों के साथ-साथ क्षेत्रीय और तकनीकी हस्तक्षेप जरूरी हैं।