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पचपदरा बस स्टैंड की 25 साल की बदहाली खत्म होने की उम्मीद, सरकार ने पहली बार दिया बजट—रिफाइनरी क्षेत्र में बढ़ी यात्रियों की परेशानी….

राजस्थान के पचपदरा कस्बे में स्थित 25 साल पुराना रोडवेज बस स्टैंड आज भी जर्जर हालत में खड़ा है। रिफाइनरी परियोजना के कारण इलाके में विकास तो तेजी से हुआ, लेकिन बस स्टैंड वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा। अब, तीन दशक बाद पहली बार सरकार ने इसके जीर्णोद्धार के लिए बजट जारी कर उम्मीदें जगाई हैं।

1️⃣ 25 साल पुराना बस स्टैंड, रिफाइनरी के बीच आज भी बदहाल

प्रदेश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के बीच सुविधाएं शून्य

पचपदरा रिफाइनरी के पास स्थित यह बस स्टैंड कभी ग्रामीणों और यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा माना जाता था, लेकिन वर्षों तक विभागीय अनदेखी के कारण अब यह खस्ताहाली में बदल चुका है।
यह बस स्टैंड बाड़मेर-जोधपुर हाईवे के केंद्र में स्थित है और इसकी स्थिति अब यात्रियों को परेशान करने लगी है।

2️⃣ जनहित में बने स्टैंड की दुर्दशा—भामाशाह परिवार ने कराया था निर्माण

सरकार ने सब-डिपो का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं हुआ

बस स्टैंड का निर्माण स्थानीय भामाशाह शाह बच्छराज चोपड़ा परिवार द्वारा कराया गया था। उस समय लोगों ने यहां रोडवेज सब-डिपो खोलने की मांग भी रखी थी और सरकार ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन 25 वर्षों में भी वह वादा पूरा नहीं हो सका।
इसी कारण अब जनप्रतिनिधि और दानकर्ता परिवार फिर से सुधार की मांग कर रहे हैं।

3️⃣ 4.5 बीघा में झाड़ियों और गंदगी का अंबार

अत्याधुनिक बस स्टैंड अब खंडहर में बदल रहा

करीब 4.5 बीघा क्षेत्र में फैले इस बस स्टैंड में सफाई का नामोनिशान नहीं है।
कभी जहां 1995 में

विश्राम गृह

प्याऊ

पुलिस चौकी

रोडवेज बुकिंग ऑफिस

और आधुनिक सुविधाएं बनाई गई थीं,
वहीं आज बस स्टैंड का अधिकांश हिस्सा झाड़ियों और कचरे से ढका पड़ा है।
2000 में बड़े धूमधाम से उद्घाटन हुआ था, लेकिन देखभाल न होने से यह व्यवस्था खत्म हो चुकी है।

4️⃣ 70 बसों का दैनिक संचालन—फिर भी नहीं सुधरी स्थिति

रिफाइनरी और उद्योगों के कारण यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी

पचपदरा-बालोतरा क्षेत्र में रिफाइनरी के निर्माण से आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
यहां से रोजाना करीब 70 बसें

बाड़मेर–जोधपुर

फलोदी–जालोर–सिरोही
मार्गों पर चलती हैं।
यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद बस स्टैंड की मूलभूत सुविधाएं आज भी नदारद हैं, जिससे यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं।

5️⃣ 30 साल बाद पहली बार सरकार का ध्यान—90 लाख का बजट मंजूर

अब जीर्णोद्धार और सब-डिपो खोलने की उम्मीदें मजबूत

लंबे इंतजार के बाद अब सरकार ने बस स्टैंड के नवीनीकरण के लिए 90 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
बालोतरा जिला बनने के बाद यहां रोडवेज सब-डिपो खोले जाने की उम्मीद फिर से जगी है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बजट से बस स्टैंड का रूप पूरी तरह बदल सकता है।

6️⃣ क्यों 25 साल तक उपेक्षित रहा पचपदरा बस स्टैंड?

✔ रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर सरकार का फोकस, बुनियादी ढांचा पीछे छूटा
✔ विभागीय लापरवाही और मेंटेनेंस की कमी
✔ सब-डिपो का वादा अधूरा, कारण—भू-राजस्व व प्रशासनिक स्वीकृतियों की कमी
✔ यात्रियों की बढ़ती संख्या पर भी ध्यान नहीं
✔ स्थानीय स्तर पर लगातार मांगें उठीं, पर बजट नहीं मिला

अब जारी हुए बजट से हालात सुधरने की उम्मीद है, लेकिन वास्तविक रूपांतरण काम की गति और विभाग की गंभीरता पर निर्भर करेगा।

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