1 करोड़ के होम लोन पर EMI कैलकुलेटर: 15, 20 और 30 साल का पूरा हिसाब
घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमत के साथ होम लोन का मासिक बोझ भी बहुत मायने रखता है। अगर आप 1 करोड़ रुपये का होम लोन लेने का सोच रहे हैं, तो सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत देखना पर्याप्त नहीं है।
आपको यह जानना जरूरी है कि EMI कितनी होगी, कुल ब्याज कितना लगेगा और अलग-अलग लोन टेन्योर में आपका खर्च कैसे बदलता है।
EMI किन बातों पर तय होती है?
होम लोन की EMI तीन चीजों पर निर्भर करती है:
- लोन की रकम – जितना पैसा आप बैंक से लेंगे
- ब्याज दर (Interest Rate) – ज्यादातर बैंक आज 8.5% से 9.5% के बीच दे रहे हैं
- लोन की अवधि (Tenure) – 15 साल, 20 साल या 30 साल
एक्सपर्ट सलाह: आपकी EMI आपकी मासिक आय का 30–40% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
1 करोड़ के होम लोन का EMI हिसाब
| लोन टेन्योर | ब्याज दर | मासिक EMI | कुल भुगतान | कुल ब्याज |
|---|---|---|---|---|
| 15 साल | 8% | ₹95,565 | ₹1,72,17,700 | ₹72,17,700 |
| 20 साल | 8% | ₹83,644 | ₹2,00,74,562 | ₹1,00,74,562 |
| 30 साल | 8% | ₹73,376 | ₹2,64,15,525 | ₹1,64,15,525 |
टिप्स:
- 15 साल में EMI ज्यादा होगी, लेकिन कुल ब्याज कम होगा।
- 30 साल में EMI कम लगेगी, लेकिन कुल ब्याज बढ़ जाएगा।
- 20 साल मध्य विकल्प है, जिसमें EMI और कुल ब्याज संतुलित रहते हैं।
सिर्फ EMI ही नहीं, बाकी खर्च भी देखें
घर खरीदते समय EMI के अलावा भी खर्च जुड़ते हैं:
- रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी
- इंटीरियर और मेंटेनेंस
- सोसाइटी चार्ज
इन सभी को जोड़कर पूरा बजट बनाएं।
इनकम के अनुसार EMI तय करें
- EMI आपकी मासिक आय का 30–40% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- ज्यादा EMI लेने से बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल, निवेश और रोजमर्रा के खर्च प्रभावित हो सकते हैं।
- अगर भविष्य में आय बढ़े, तो प्री-पेमेंट का ऑप्शन लें, जिससे मूल राशि घटेगी और ब्याज कम होगा।
होम लोन लेने से पहले
- 15, 20 या 30 साल का विकल्प चुनें और कुल भुगतान का गणित समझें।
- बैंक से EMI कैलकुलेटर की मदद लें।
- सही योजना के साथ लोन लेने पर यह बोझ नहीं, बल्कि मजबूत भविष्य की नींव बन सकता है।