#देश दुनिया #धार्मिक #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

हिमालय के भीतर बनी 5 किमी लंबी ऐतिहासिक सुरंग, चारधाम यात्रा अब हर मौसम में होगी आसानचारधाम यात्रियों के लिए बड़ी राहत

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सिलक्यारा से पोलगांव को जोड़ने वाली नई सुरंग के तैयार होने से दुर्गम पहाड़ी रास्तों और मौसम की बाधाओं से राहत मिलेगी। अब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।


चारधाम महामार्ग परियोजना का अहम हिस्सा

सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग, जिसे सिलक्यारा बेंड–बारकोट टनल भी कहा जाता है, उत्तरकाशी जिले में चारधाम महामार्ग परियोजना का एक महत्वपूर्ण चरण है। यह सुरंग राड़ी पास के नीचे से होकर गुजरती है और राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर स्थित है, जिससे तीर्थयात्रियों को ऑल-वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी।


हिमालय में सुरंग बनाना रहा बेहद चुनौतीपूर्ण

हिमालयी क्षेत्र में इस सुरंग का निर्माण तकनीकी रूप से काफी कठिन रहा। लगभग 4.53 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई में करीब तीन साल का समय लगा। वर्ष 2023 में खुदाई के दौरान एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।


2025 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद

फिलहाल सुरंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अनुमान है कि वर्ष 2025 के अंत तक इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होते ही सिलक्यारा से पोलगांव के बीच यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।


15 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर

अभी राड़ी टॉप होकर इस मार्ग पर सफर करने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। सुरंग चालू होने के बाद यही दूरी मात्र 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे करीब 26 किलोमीटर की दूरी कम होगी और ईंधन व समय दोनों की बड़ी बचत होगी।


डबल लेन और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था

घोड़े की नाल के आकार में बनी यह डबल लेन सुरंग ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से तैयार की गई है। इसमें आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और भूकंप-रोधी मजबूत ढांचा लगाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


स्थानीय लोगों को भी मिलेगा बड़ा लाभ

इस सुरंग से सिर्फ तीर्थयात्रियों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


करीब 1,384 करोड़ रुपये की परियोजना

सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,384 करोड़ रुपये है। इसमें से लगभग 1,100 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च किए गए हैं, जबकि शेष राशि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और अन्य पूर्व-निर्माण कार्यों में लगी है। कुछ देरी के कारण लागत में आंशिक बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *