9 महीने बाद लौटी खुशियां: इंदौर में ‘राजा’ की वापसी का दावा, नवजात को परिवार ने माना पुनर्जन्म
मध्यप्रदेश के इंदौर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के करीब नौ महीने बाद उनके परिवार में खुशियों ने दस्तक दी है। बड़े भाई के घर जन्मे बेटे को परिवार भावनात्मक रूप से ‘राजा’ का पुनर्जन्म मान रहा है। कामाख्या मंदिर के एक पुजारी की भविष्यवाणी और जन्म से जुड़े संयोगों ने इस विश्वास को और गहरा कर दिया है।
खुशियों के साथ घर लौटा ‘नया राजा’
इंदौर में राजा रघुवंशी के परिवार ने लंबे इंतजार और दुख के बाद एक नई शुरुआत का स्वागत किया। बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म होते ही पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल बन गया। अस्पताल से मां और नवजात को घर लाने के दौरान पूरे रास्ते ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। घर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और मुख्य द्वार पर “राजा इज बैक” लिखा गया। परिवार के सदस्य भावुक भी नजर आए और खुशी में झूमते हुए नए सदस्य का स्वागत किया।
शोक से उत्सव तक का सफर
राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार गहरे सदमे में था और लंबे समय तक किसी भी प्रकार का उत्सव नहीं मनाया गया। त्योहारों पर भी घर में सन्नाटा पसरा रहता था। लेकिन बेटे के जन्म ने इस माहौल को पूरी तरह बदल दिया। करीब नौ महीने बाद पहली बार घर में रौनक लौटी है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह बच्चा उनके जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीद लेकर आया है। दुख के साये से बाहर निकलते हुए अब परिवार फिर से सामान्य जीवन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
पंडित की भविष्यवाणी से जुड़ा विश्वास
परिवार के अनुसार, राजा की मृत्यु के बाद कामाख्या मंदिर के एक पुजारी ने भविष्यवाणी की थी कि वह दोबारा इसी परिवार में जन्म लेंगे। अब नवजात के जन्म के बाद परिवार इस कथन को सच मान रहा है। राजा के भाई विपिन का कहना है कि यह केवल संयोग नहीं, बल्कि ईश्वर की इच्छा है। उनका मानना है कि इस बच्चे के रूप में राजा ने फिर से परिवार में वापसी की है, जिसने उनके दुख को काफी हद तक कम कर दिया है।
संयोगों ने बढ़ाया पुनर्जन्म का विश्वास
परिवार ने कुछ खास संयोगों को भी इस विश्वास से जोड़ा है। उनका कहना है कि जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उसी तिथि (ग्यारस) को नवजात का जन्म भी हुआ। इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार राजा की मृत्यु का समय दोपहर 2:40 बजे बताया गया था, जबकि बच्चे का जन्म भी लगभग उसी समय, 2:42 बजे हुआ। इन समानताओं को परिवार खास संकेत के रूप में देख रहा है और इसे पुनर्जन्म की पुष्टि मान रहा है।
परिवार की भावनाएं और नई उम्मीदें
परिवार में कुल नौ भाई हैं, लेकिन यह सुख बड़े भाई सचिन के घर आया, जो इसे विशेष मानते हैं। उनकी पत्नी पहले से ही राजा का बेटे की तरह ख्याल रखती थीं। शादी के 12 साल बाद बेटे का जन्म होना भी परिवार के लिए बेहद खास है। पहले से दो बेटियों के माता-पिता रहे इस दंपति के लिए यह पल जीवन बदलने वाला साबित हुआ है। परिवार का मानना है कि यह बच्चा उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आया है और अब वे भविष्य को लेकर पहले से अधिक सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।