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Pakistan Cyber Link: फ्रॉड कॉल से शुरू हुई डील, अपने ही गांव को बना लिया ठगी का शिकार


राजस्थान के हनुमानगढ़ में साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का ऐसा चेहरा बेनकाब किया है, जिसने सिस्टम और भरोसे—दोनों को झकझोर दिया। आरोपी ने पाकिस्तान से आए एक फ्रॉड कॉल को मौका बनाकर उसी नेटवर्क से डील कर ली और फिर अपने ही गांव के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी कर डाली।


🟥 पाकिस्तान से आई कॉल, यहीं से शुरू हुआ अपराध का खेल

हनुमानगढ़ के डबलीराठान गांव निवासी हरदीप सिंह के पास करीब दो साल पहले पाकिस्तान के नंबर से एक फ्रॉड कॉल आया। कॉल के दौरान उसे साफ समझ आ गया कि सामने वाला साइबर ठग है, लेकिन उसने कॉल काटने के बजाय लंबी बातचीत की।
यहीं से हरदीप ने ठगी के खेल में उतरने का फैसला किया और पाकिस्तानी साइबर हैंडलर से संपर्क बनाए रखा।


🟦 फ्रॉड करने वालों से ही बना लिया नेटवर्क

लगातार बातचीत के बाद हरदीप ने पाकिस्तानी हैंडलर के साथ सीधा गठजोड़ कर लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर भारत में नए सिरे से ठगी का नेटवर्क खड़ा किया।
पाकिस्तान से कॉल और स्क्रिप्ट आती थी, जबकि भारत में बैंक खाते, मोबाइल नंबर और लोग जुटाने की जिम्मेदारी हरदीप की थी।


🟥 ऑपरेशन साइबर क्लीन में बड़ा खुलासा

साइबर थाना पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर क्लीन” के तहत जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि हरदीप किराए पर बैंक खाते लेकर साइबर धोखाधड़ी करता था।
इन खातों में अब तक 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है।


🟦 मजदूर वर्ग को बनाया आसान निशाना

हरदीप ने ठगी के लिए अपने ही गांव के भोले-भाले मजदूरों और अशिक्षित लोगों को चुना।
वह लोगों को यह कहकर फंसाता था कि उसका खुद का बैंक खाता बंद हो गया है और थोड़े समय के लिए खाते की जरूरत है।
छोटे लालच और भरोसे में आकर लोग अपने खाते दे देते थे, जिन्हें ठगी के लिए इस्तेमाल किया गया।


🟥 100 से ज्यादा लोग हो सकते हैं शिकार

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए गांव के 100 से अधिक लोग अनजाने में साइबर ठगी का हिस्सा बन चुके हो सकते हैं।
अधिकतर पीड़ितों को यह तक नहीं पता था कि उनके खाते का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध में किया जा रहा है।


🟦 कमीशन काटकर पाकिस्तान भेजता था पैसा

हरदीप ठगी से आए ऑनलाइन पैसों में से 10 से 20 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था।
बाकी रकम को अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मुद्रा में बदलकर पाकिस्तानी हैंडलर को ट्रांसफर कर देता था।
इसके अलावा उसने पाकिस्तानी साइबर ठगों को भारतीय मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट भी उपलब्ध कराए।


🟥 14 राज्यों से जुड़ी 36 साइबर शिकायतें

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हरदीप से जुड़े बैंक खातों पर देश के 14 राज्यों से 36 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
इन्हीं में से एक पीड़ित राजपाल सिंह की शिकायत पर साइबर थाने में केस दर्ज हुआ, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।


🟦 पुलिस की अगली कार्रवाई

साइबर पुलिस अब—

  • पाकिस्तानी हैंडलर्स की पहचान
  • अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन चैन
  • और अन्य सहयोगियों

की जांच में जुटी है। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।


यह मामला दिखाता है कि साइबर ठगी अब केवल कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्थानीय लोगों को मोहरा बनाकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किए जा रहे हैं।
गरीब और अशिक्षित वर्ग को निशाना बनाना सिस्टम की जागरूकता और बैंकिंग सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल है।

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