Hanumangarh News: टिब्बी में एथेनॉल फैक्ट्री विवाद फिर गरमाया, 17 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पर महापंचायत का ऐलान…
प्रशासन से वार्ता बेनतीजा, आंदोलन जारी
हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। जिला प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत के बावजूद किसान आंदोलन स्थगित करने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने 17 दिसंबर को हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट पर महापंचायत करने का ऐलान किया है।
राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री स्थापना के विरोध में किसान पिछले करीब डेढ़ साल से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फैक्ट्री से पर्यावरण, जल स्रोतों और कृषि भूमि पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जिसे लेकर वे लगातार विरोध जता रहे हैं।
10 दिसंबर की महापंचायत के बाद बिगड़े हालात
10 दिसंबर को टिब्बी में आयोजित महापंचायत के बाद हालात बेकाबू हो गए थे। प्रदर्शनकारी किसान फैक्ट्री स्थल की ओर कूच कर गए, जहां हिंसक घटनाएं सामने आईं। इस दौरान फैक्ट्री परिसर में खड़े कई वाहनों में आग लगा दी गई।
वाहन जलकर हुए खाक, पुलिस जीप भी क्षतिग्रस्त
घटना में 10 कारें, चार मोटरसाइकिलें, एक जेसीबी मशीन और एक पुलिस जीप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, जबकि दो जेसीबी मशीनों सहित कई अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे।
17 दिसंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर महापंचायत
घटना के बाद किसानों ने 17 दिसंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर महापंचायत करने की घोषणा की। इसी क्रम में शुक्रवार को किसान प्रतिनिधिमंडल की एडीजीपी वीके सिंह, आईजी बीकानेर रेंज हेमंत शर्मा, जिला कलेक्टर खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक हरिशंकर और विधायक गुरवीर बराड़ के साथ वार्ता हुई।
प्रशासन का ऐलान: निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक
वार्ता के दौरान जिला प्रशासन ने फैक्ट्री से जुड़े सभी मानकों की समीक्षा पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की घोषणा की। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
किसानों का जवाब: स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी
किसान नेताओं ने प्रशासन के फैसले को अस्थायी बताते हुए साफ किया कि जब तक फैक्ट्री निर्माण को पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन की घोषणा से उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई है।
प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा का बयान
इस पूरे मामले पर प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि किसानों से सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई है और सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों को लेकर विरोध होना स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर कंपनी से एमओयू पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुआ था, उस समय इसका विरोध क्यों नहीं किया गया।
17 दिसंबर को प्रस्तावित महापंचायत को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बनता नजर आ रहा है। किसानों ने गांव-गांव जनसंपर्क तेज कर दिया है और दावा किया है कि इस महापंचायत में राकेश टिकैत सहित कई बड़े किसान नेता और विभिन्न किसान संगठन शामिल होंगे।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट, कड़ी सुरक्षा तैयारी
10 दिसंबर की हिंसक घटना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और प्रशासन इस बार किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता।
एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसान और प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। जहां सरकार विकास और निवेश की बात कर रही है, वहीं किसान पर्यावरण और आजीविका को लेकर चिंतित हैं। 17 दिसंबर की महापंचायत इस विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।