ज्ञानदेव आहूजा का कांग्रेस पर बड़ा हमला: वोट बैंक राजनीति, तुष्टिकरण और सुरक्षा मुद्दों पर साधा निशाना…
पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गुरुवार को सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की राजनीति में जनता के वास्तविक मुद्दों की बजाय वोट बैंक की राजनीति हावी होती जा रही है। आहूजा ने अशोक गहलोत से लेकर टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा तक कई कांग्रेस नेताओं पर धार्मिक तुष्टिकरण का आरोप लगाया।
कांग्रेस पर वोट बैंक राजनीति का आरोप
आहूजा ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में जनता के असली सवाल पीछे धकेल दिए गए हैं और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उनका दावा था कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की समस्याओं पर नहीं, बल्कि सिर्फ अपने चुने हुए वोट आधार को साधने पर केंद्रित है।
गहलोत, जूली और डोटासरा पर तुष्टिकरण के आरोप
पूर्व विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया।
साथ ही उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा केवल एक खास समुदाय का समर्थन सुरक्षित करने में लगे हुए हैं।
आहूजा के अनुसार, “इन नेताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता सिर्फ अपना मुस्लिम वोट बैंक बचाना है।”
नेहरू और गांधी परिवार पर भी साधा निशाना
आहूजा ने प्रेस वार्ता में पंडित नेहरू और गांधी परिवार को लेकर विवादित टिप्पणियां भी कीं।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ऐतिहासिक तथ्यों को राजनीतिक लाभ के अनुसार पेश करता है।
(यह टिप्पणी पूरी तरह आहूजा का दावा है, स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।)
दिल्ली विस्फोट और ‘कथित डॉक्टर गिरोह’ पर गंभीर आरोप
दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट का जिक्र करते हुए आहूजा ने सोशल मीडिया और कुछ तथाकथित संगठनों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि “मेव मुस्लिम समाज का कथित गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि ऐसे गिरोह लोगों का गलत उपचार कर नुकसान पहुंचाते हैं।
(ये आरोप आहूजा द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।)
हिंदू आस्था के मुद्दों पर राजनीति का आरोप
आहूजा ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता हिंदू समाज की आस्थाओं को बांटने और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
अलवर घटना पर गहलोत की चुप्पी पर सवाल
उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत गौ-तस्करी से जुड़े मामलों और मॉब लिंचिंग पर बयान देते हैं, लेकिन अलवर के गोविंदगढ़ में एक युवक की मौत पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
आहूजा का आरोप था कि “सैनी समाज के युवक की हत्या पर चुप्पी यह दिखाती है कि कांग्रेस सिर्फ चुनिंदा मुद्दों पर ही बोलती है।”
जम्मू और दिल्ली विस्फोटों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सवाल
आहूजा ने कहा कि दिल्ली और जम्मू में हुए विस्फोटों पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया, जिससे जनता में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
आहूजा की प्रेस वार्ता ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आगामी दिनों में प्रदेश की राजनीति में इस बयानबाज़ी के और तीखे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।