अलवर के तीजकी श्मशान घाट में बड़ी लापरवाही, अस्थियां बदलने से परिजनों में रोष
अलवर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित तीजकी श्मशान घाट में प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक वृद्ध महिला के दाह संस्कार के बाद उनकी अस्थियां बदल जाने से परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया।
जानकारी के अनुसार फूटी खेड़ा निवासी सुनील सैनी की माता कल्ली देवी का 23 मार्च को निधन हो गया था। उनका दाह संस्कार तीजकी श्मशान घाट पर किया गया। बुधवार को परिजन तीये की रस्म निभाने के लिए श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं।
जब परिजनों ने इस संबंध में जानकारी ली तो मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि बुध विहार निवासी सर्वेश शर्मा गलती से कल्ली देवी की अस्थियां अपने परिजन की समझकर ले गए और उनका विसर्जन भी कर दिया। यह बात सामने आते ही पीड़ित परिवार में नाराजगी और दुख और बढ़ गया।
परिजनों ने श्मशान घाट की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यहां भारी अव्यवस्था और गंदगी फैली हुई है। आवारा पशु खुलेआम घूमते रहते हैं, जिससे अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील धार्मिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित होती हैं। स्नानागार की स्थिति भी बेहद खराब है, जहां सूअरों का विचरण तक देखा गया।
घटना की सूचना पर निवर्तमान पार्षद मुकेश सारवान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट पर न तो नियमित सफाई कर्मचारी तैनात हैं और न ही किसी अधिकारी की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है। कई बार उन्हें स्वयं अपने क्षेत्र के कर्मचारियों से सफाई करवानी पड़ती है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने श्मशान घाट की व्यवस्थाओं में सुधार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है