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तस्वीरों से ‘कपड़े उतारने’ लगा AI: Grok पर बवाल, मस्क की प्रतिक्रिया से और भड़का विवाद


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उम्मीद थी कि वह इंसानों की जिंदगी आसान बनाएगा, लेकिन एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X से जुड़े AI टूल Grok को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि इसका इस्तेमाल महिलाओं और यहां तक कि नाबालिगों की तस्वीरों को डिजिटल तरीके से ‘नंगा’ बनाने के लिए किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं और सरकारी चेतावनियों के बावजूद यह ट्रेंड पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा।


⚠️ 1. क्या है पूरा मामला?

X पर Grok में हाल ही में “इमेज एडिट” फीचर जोड़ा गया। इसके बाद कई यूजर्स ने महिलाओं और बच्चियों की तस्वीरें अपलोड कर ऐसे प्रॉम्प्ट देने शुरू कर दिए—जैसे “बिकनी पहनाओ” या “कपड़े हटा दो”
नतीजा यह हुआ कि प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में डीपफेक और आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल होने लगीं।


👧 2. नाबालिगों तक पहुंचा मामला

आरोपों के मुताबिक, कुछ मामलों में 10 साल से कम उम्र के बच्चों की तस्वीरों को भी इसी तरह एडिट किया गया। एलन मस्क के एक बच्चे की मां एशले सेंट क्लेयर ने दावा किया कि Grok ने उनकी 14 वर्ष की उम्र की तस्वीर को भी बिकनी में बदल दिया।
यहीं से यह विवाद केवल तकनीक तक सीमित न रहकर कानूनी और नैतिक संकट में बदल गया।


🌍 3. वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया

Grok के खिलाफ कई देशों में जांच की मांग उठी—

  • यूरोपीय संघ ने इसे “गंभीर और अवैध” करार दिया।
  • ब्रिटेन के मीडिया रेगुलेटर ने X और xAI से जवाब मांगा।
  • भारत, फ्रांस और मलेशिया जैसे देशों में भी इस पर तत्काल कार्रवाई की बात कही गई।
    यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा—“यह केवल आपत्तिजनक नहीं, बल्कि गैरकानूनी भी है।”

📜 4. भारत और यूके का सख्त रुख

  • भारत के IT मंत्रालय ने X को 72 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया।
  • यूके के रेगुलेटर ऑफकॉम ने कहा कि वह यह समझना चाहता है कि X और xAI यूजर्स, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

😶‍🌫️ 5. मस्क की प्रतिक्रिया से भड़का विवाद

शुरुआत में एलन मस्क ने इस ट्रेंड को हल्के में लिया। एक पोस्ट पर उन्होंने हंसते हुए इमोजी डालते हुए लिखा—
“पता नहीं क्यों, लेकिन मैं इस पर अपनी हंसी नहीं रोक सका।”
हालांकि, जब वैश्विक स्तर पर आलोचना तेज हुई तो बाद में उन्होंने कहा कि अवैध कंटेंट बनाने वालों पर वही कार्रवाई होगी जो सीधे अवैध सामग्री पोस्ट करने वालों पर होती है।


🛡️ 6. X और xAI का पक्ष

X के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) सहित किसी भी अवैध कंटेंट पर कार्रवाई की जाती है—

  • कंटेंट हटाया जाता है
  • अकाउंट स्थायी रूप से सस्पेंड किए जाते हैं
  • और ज़रूरत पड़ने पर सरकार व कानून एजेंसियों से सहयोग किया जाता है

xAI ने पहले कहा था कि उसने “सुरक्षा खामियों की पहचान कर उन्हें तुरंत ठीक करने” की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लेकिन आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर अब भी ऐसी एडिटेड तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिससे कंपनी के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।


📊 टेक्नोलॉजी या डिजिटल उत्पीड़न?

यह मामला केवल एक AI फीचर की तकनीकी खामी नहीं है। यह डिजिटल उत्पीड़न, प्राइवेसी उल्लंघन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है।
जहां एक ओर AI को मानवता के लिए मददगार औजार माना जाता है, वहीं इस तरह के उपयोग यह दिखाते हैं कि बिना सख्त नियम और निगरानी के तकनीक खतरनाक हथियार बन सकती है।


Grok को लेकर उठा विवाद यह साबित करता है कि AI के विकास के साथ नैतिकता, कानून और सुरक्षा ढांचे भी उतनी ही तेजी से मजबूत करने होंगे।
एलन मस्क के बयान और xAI के आश्वासन तब तक अधूरे माने जाएंगे, जब तक कि प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सामग्री का पूरी तरह से अंत नहीं होता।

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