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2026 में जॉब बदलने से पहले जान लें: 1 साल में कितनी मिलेगी ग्रेच्युटी? ऐसे करें कैलकुलेट


अगर आप 2026 में नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ सैलरी नहीं, ग्रेच्युटी का हिसाब भी ज़रूरी है. बहुत से कर्मचारी जॉब स्विच करते समय इस लाभ को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि नए नियमों के बाद अब कई कर्मचारियों को सिर्फ एक साल में भी ग्रेच्युटी मिलने लगी है. खासकर फिक्स्ड टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए यह बड़ा फायदा है.


🔹 ग्रेच्युटी क्या होती है?

ग्रेच्युटी वह रकम है जो कंपनी अपने कर्मचारी को उसकी सेवा अवधि के बदले देती है. यह राशि नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट या कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर मिलती है. इसे कर्मचारी की लगातार मेहनत और योगदान का आर्थिक सम्मान माना जाता है.


🔹 क्या अब एक साल में भी मिल सकती है ग्रेच्युटी?

नए सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत फिक्स्ड टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकता है.
👉 हालांकि, परमानेंट कर्मचारियों के लिए अभी भी 5 साल की न्यूनतम सेवा की शर्त लागू है.


🔹 किन शर्तों पर मिलेगा 1 साल की ग्रेच्युटी का फायदा?

  • कर्मचारी ने लगातार पूरा एक साल काम किया हो
  • बीच में लंबा ब्रेक या अत्यधिक अनुपस्थिति न हो
  • ग्रेच्युटी की गणना जॉइनिंग डेट से लेकर आखिरी वर्किंग डे तक की जाती है

इन शर्तों के पूरा होने पर एक साल में भी ग्रेच्युटी मिल सकती है.


🔹 जॉब बदलने वालों के लिए क्यों है यह नियम फायदेमंद?

जो लोग बार-बार नौकरी बदलते हैं या शॉर्ट टर्म/कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं, उनके लिए यह नियम बड़ी राहत है. अब कम समय की नौकरी में भी उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलती है और नौकरी बदलते वक्त हाथ खाली नहीं रहता.


🔹 ₹45,000 बेसिक सैलरी पर कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी?

अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹45,000 है और आपने 1 साल काम किया है, तो आपको लगभग
👉 ₹25,962 ग्रेच्युटी मिल सकती है.


🔹 ₹75,000 बेसिक सैलरी पर कितना पैसा मिलेगा?

अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹75,000 है और आपने 1 साल की नौकरी पूरी की है, तो आपकी ग्रेच्युटी करीब
👉 ₹43,269 हो सकती है.
यानी जॉब बदलते समय यह रकम अच्छा आर्थिक सहारा बन सकती है.


🔹 ग्रेच्युटी कैसे होती है कैलकुलेट? (आसान फॉर्मूला)

नए लेबर कोड के अनुसार महीने में 26 वर्किंग डे माने जाते हैं (साप्ताहिक छुट्टियां शामिल नहीं होतीं).

📌 ग्रेच्युटी का फॉर्मूला

(आखिरी बेसिक सैलरी + DA) × (नौकरी के साल) × 15 / 26

इस फॉर्मूले से कोई भी कर्मचारी अपनी ग्रेच्युटी खुद निकाल सकता है.


🔹 11 महीने काम किया है तब भी मिल सकता है फायदा

ग्रेच्युटी का बड़ा फायदा यह है कि अगर किसी कर्मचारी ने 11 महीने से अधिक काम किया है, तो कई मामलों में उसे पूरा एक साल मान लिया जाता है और ग्रेच्युटी मिल सकती है.


🔹 क्या ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है?

नहीं. ग्रेच्युटी पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता. यही वजह है कि जॉब बदलने वाले कर्मचारियों के लिए यह रकम बेहद फायदेमंद होती है.


🔹 क्यों ज़रूरी है ग्रेच्युटी की प्लानिंग?

अक्सर कर्मचारी सैलरी पैकेज पर ध्यान देते हैं, लेकिन ग्रेच्युटी जैसे लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स को भूल जाते हैं. नए नियमों के बाद कम समय में भी मिलने वाली ग्रेच्युटी कॉन्ट्रैक्ट जॉब्स को अधिक सुरक्षित बनाती है. यह ट्रेंड 2026 में फ्रीलांस और फिक्स्ड टर्म नौकरियों को और आकर्षक बना सकता है.


अगर आप 2026 में नौकरी बदलने का प्लान कर रहे हैं, तो अपनी बेसिक सैलरी, नौकरी की अवधि और ग्रेच्युटी का हिसाब जरूर लगाएं. सही जानकारी आपको हजारों रुपये का सीधा फायदा दिला सकती है.

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