गाजा पर बड़ा हमला: बच्चों समेत कम से कम 30 फिलिस्तीनी मारे गए
संघर्ष विराम के बीच इजरायली हमले
गाजा में संघर्ष विराम की धीमी प्रगति के बीच शनिवार को इजरायली हमलों में बच्चों और महिलाओं समेत कम से कम 30 फिलिस्तीनी मारे गए।
- गाजा के अस्पतालों ने इसकी पुष्टि की।
- अक्टूबर 2025 में लागू संघर्ष विराम के बाद यह एक दिन में सबसे ज्यादा मौतों वाला हमला है।
- हमले गाजा शहर की अपार्टमेंट इमारत, खान यूनिस के टेंट कैंप और अन्य स्थानों पर हुए।
मृतकों में आम नागरिक और परिवार
- मृतकों में दो परिवारों की महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं।
- शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सेल्मिया ने बताया कि गाजा शहर के पुलिस स्टेशन पर हुए हमले में कम से कम 14 लोग मारे गए, जिनमें महिला पुलिसकर्मी और कैदी भी शामिल थे।
- खान यूनिस के टेंट कैंप में आग लगने से एक पिता, तीन बच्चे और तीन पोते-पोतियों सहित सात लोग मारे गए।
राफा क्रॉसिंग खुलने से पहले हमला
- ये हमले राफा क्रॉसिंग के खुलने से एक दिन पहले हुए, जो मिस्र सीमा पर स्थित है।
- हजारों लोग इस क्रॉसिंग के जरिए इलाज और राहत सामग्री के लिए बाहर निकलते हैं।
- संघर्ष विराम के दूसरे चरण में यह क्रॉसिंग अमेरिका की मध्यस्थता से सीमित रूप से खुली।
मिस्र और कतर की प्रतिक्रिया
- मिस्र ने इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि ये राजनीतिक प्रक्रिया के लिए खतरा हैं।
- कतर ने भी हमलों को खतरनाक वृद्धि बताया और कहा कि इसे जारी रखना संघर्ष विराम की दिशा के लिए जोखिम है।
स्थानीयों की प्रतिक्रिया
- स्थानीय नागरिक अताल्लाह अबू हदैयेद ने कहा, “हम दौड़े और देखा कि मेरे चचेरे भाई इधर-उधर पड़े हैं। हमें नहीं पता कि हम युद्ध में हैं या शांति में। युद्धविराम कहा है?”
- शिफा अस्पताल ने बताया कि गाजा शहर की एक इमारत पर हुए हमले में तीन बच्चों, उनकी चाची और दादी की मौत हुई।
हमास का आग्रह
- हमास ने हमलों को संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया और अमेरिका सहित अन्य मध्यस्थ देशों से इजरायल पर दबाव बनाने का आग्रह किया।
- वरिष्ठ अधिकारी बस्सेम नईम ने कहा कि फिलिस्तीनी लोग अब ‘युद्ध बोर्ड’ से निपट रहे हैं, न कि ‘शांति बोर्ड’ से।
इजरायल का बयान
- इजरायली सेना ने कहा कि हमले संघर्ष विराम उल्लंघन के जवाब में किए गए हैं।
- युद्धविराम की विभाजन रेखा के दोनों ओर उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया।