#खेल #देश दुनिया #पॉलिटिक्स #मनोरंजन #राज्य-शहर

गंभीर का इशारा या संदेश? कोच बोले– ‘टीम हार जाए तो व्यक्तिगत प्रदर्शन मायने नहीं रखता’…

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में मिली हार के बाद खिलाड़ियों को सख्त संदेश दिया है। गंभीर ने साफ कहा कि टीम की हार के बाद व्यक्तिगत प्रदर्शन का जश्न मनाना सही नहीं है। उनके बयान को कई क्रिकेट प्रशंसक रोहित शर्मा और विराट कोहली की ओर इशारा मान रहे हैं, जिन्होंने सीरीज़ में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।

टीम की हार पर गंभीर का सख्त रुख

गंभीर ने कहा कि किसी भी पेशेवर टीम में हार के बावजूद ‘निजी आंकड़े’ गर्व का विषय नहीं हो सकते। उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरे लिए सबसे बड़ा पैमाना टीम की जीत है। अगर टीम हारती है, तो व्यक्तिगत सफलता का कोई अर्थ नहीं रहता।” गंभीर का यह बयान टीम इंडिया के अंदर के रवैये पर सवाल खड़ा करता है, जहां कभी-कभी खिलाड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर अधिक ध्यान देते नजर आते हैं।

रोहित-विराट की परफॉर्मेंस पर सवाल

हाल ही में खत्म हुई सीरीज़ में रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन टीम निर्णायक मुकाबले में हार गई। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गंभीर का यह बयान सीधे तौर पर इन सीनियर खिलाड़ियों के रवैये पर एक ‘परोक्ष टिप्पणी’ है। गंभीर पहले भी टीम के भीतर “सेल्फ-सेन्ट्रिक एप्रोच” की आलोचना कर चुके हैं।

गंभीर की सोच – टीम फर्स्ट, पर्सनल नहीं

कोच के तौर पर गंभीर ने यह भी कहा कि उनका फोकस ‘टीम फर्स्ट’ कल्चर पर रहेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब तक टीम की जीत के लिए नहीं खेलेंगे, तब तक व्यक्तिगत रनों और औसतों का कोई मूल्य नहीं। गंभीर ने यह भी जोड़ा कि क्रिकेट में जीत की भावना ही असली प्रेरणा होती है, न कि निजी आंकड़े।

नया दौर, नई मानसिकता

गंभीर के इन बयानों से साफ संकेत मिलता है कि वह टीम इंडिया में ‘कलेक्टिव प्ले’ पर जोर देना चाहते हैं। उनका मानना है कि हार को छिपाने के लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड दिखाना टीम की संस्कृति को कमजोर करता है। अब देखना होगा कि रोहित, विराट और बाकी सीनियर खिलाड़ी कोच की इस ‘टीम-फर्स्ट’ नीति के साथ खुद को कितना ढाल पाते हैं।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *