किशनगंज के पूर्व डीएसपी पर शिकंजा: 80 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति मामले में निलंबन, जांच तेज
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत किशनगंज के पूर्व डीएसपी गौतम कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में उनकी आय से कई गुना अधिक, करीब 80 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। यह संपत्तियां उनके अलावा परिजनों और परिचितों के नाम पर भी पाई गई हैं। मामले में अब नेटवर्क और संभावित कनेक्शनों की गहन जांच जारी है।
EOU की जांच में बड़ा खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में सामने आया कि पूर्व डीएसपी गौतम कुमार ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 80 करोड़ रुपये आंका गया है। यह संपत्तियां केवल उनके नाम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी पत्नी, सास और अन्य करीबी लोगों के नाम पर भी दर्ज हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा संदिग्ध लेन-देन और निवेश के जरिए खड़ा किया गया है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
परिचितों और सहयोगियों के नाम पर निवेश
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गौतम कुमार ने अपनी कई संपत्तियां महिला मित्रों और अन्य परिचितों के नाम पर खरीदी हैं। यहां तक कि उनकी घरेलू सहायिका के नाम पर भी संपत्ति और विलासितापूर्ण जीवनशैली के संकेत मिले हैं। इससे यह संदेह गहराया है कि अवैध कमाई को छुपाने के लिए कई लोगों का इस्तेमाल किया गया। अब EOU इन सभी नामों और उनसे जुड़े आर्थिक लेन-देन की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी
31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई ने किशनगंज, पटना, पूर्णिया सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों में बड़ी संख्या में दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य अहम सबूत बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घोषित आय के मुकाबले करीब 60 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की गई है। छापेमारी के बाद जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
सीमा क्षेत्रों और अन्य राज्यों में जांच का विस्तार
जांच एजेंसियां अब इस मामले के तार सिलीगुड़ी और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों तक खंगाल रही हैं। सिलीगुड़ी में कथित फ्लैट और अन्य संपत्तियों को लेकर स्थानीय स्तर पर पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पश्चिम बंगाल में एक होटल से जुड़े संबंधों की भी जांच हो रही है। नेपाल कनेक्शन के संकेत मिलने के बाद एजेंसियां अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक की दिशा में भी सक्रिय हो गई हैं।
नई जमीन खरीद और नेटवर्क की पड़ताल
अररिया जिले के फारबिसगंज क्षेत्र में हाल ही में जमीन खरीद और निर्माण गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद वहां भी जांच शुरू कर दी गई है। आर्थिक अपराध इकाई अब पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी में है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके व्यवसाय, बैंक लेन-देन और संपत्ति के स्रोत की गहन जांच की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।