बेटे की मौत के बाद आया विदेश यूनिवर्सिटी का लेटर, मां का टूटा सब्र
दिल्ली सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद भावुक कर देने वाला दृश्य
नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका इलाके में हुए सड़क हादसे में 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की मौत हो गई। हादसे के कुछ दिन बाद उसके नाम विदेश की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से एडमिशन लेटर घर पहुंचा। लेटर मिलने के बाद परिवार का दुख और गहरा हो गया। साहिल की मां बार-बार पत्र को देखकर भावुक हो रही हैं और कह रही हैं कि अब वह यह सपना किसके लिए देखें।
विदेश पढ़ाई का सपना, जिसे अधूरा छोड़ गई एक लापरवाह टक्कर
मास्टर्स की तैयारी कर रहा था साहिल
परिजनों के अनुसार साहिल बीबीए का अंतिम सेमेस्टर कर रहा था और विदेश जाकर मास्टर्स करने की योजना बना रहा था। उसने खुद आवेदन प्रक्रिया पूरी की थी और एजुकेशन लोन लेने की तैयारी भी कर रखी थी। उसका लक्ष्य University of Manchester में लक्जरी फैशन मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा हासिल करना था।
मेहनत, आत्मनिर्भरता और अनुशासन की मिसाल था साहिल
पढ़ाई के साथ काम कर परिवार का सहारा बन रहा था
परिवार के मुताबिक साहिल सिर्फ पढ़ाई पर निर्भर नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा था। वह एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था, दोस्त के साथ छोटा व्यवसाय शुरू किया था और मां के रियल एस्टेट कार्यों में भी सहयोग करता था। उसके कमरे में लगे मेडल और प्रेरणादायक उद्धरण उसकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति गंभीरता को दिखाते हैं।
तेज रफ्तार एसयूवी से टक्कर, नाबालिग चालक पर आरोप
हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर मौत
पुलिस के अनुसार हादसे के वक्त एक एसयूवी ने साहिल की बाइक को टक्कर मार दी। वाहन कथित तौर पर नाबालिग चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। एसयूवी आगे जाकर सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से भी टकरा गई।
हादसे के बाद घटनास्थल पर मचा हंगामा
लोगों ने उठाए आरोपी पक्ष के रवैये पर सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद आरोपी पक्ष का व्यवहार असंवेदनशील रहा। शुरुआती स्तर पर गलत जानकारी देने की कोशिश किए जाने के आरोप भी सामने आए। बाद में स्पष्ट हुआ कि वाहन चलाने वाला नाबालिग था। मामले की जांच जारी है।
बेटे की मौत नहीं, टूट गया मां का पूरा भविष्य
न्याय की लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प
साहिल की मां का कहना है कि यह हादसा सिर्फ उनके बेटे की मौत नहीं, बल्कि उनके पूरे जीवन के सपनों का अंत है। अब वह इस मामले में सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रही हैं। परिवार का कहना है कि लापरवाह ड्राइविंग और सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक जैसी प्रवृत्तियां युवाओं की जान पर भारी पड़ रही हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
तेज रफ्तार और नाबालिग ड्राइविंग पर सख्ती की जरूरत
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और तेज रफ्तार की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और अभिभावकों की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।