राजस्थान में कोहरे की चादर, ठंड से थमी रफ्तार! 14 जिलों में शीतलहर का हाई अलर्ट
राजस्थान में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही सर्दी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। घने कोहरे, गिरते तापमान और तेज़ ठंडी हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जयपुर और बीकानेर संभाग में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि 14 जिलों में शीतलहर का असर तेज़ हो चुका है।
❄ 1. कोहरे से ढका प्रदेश, सड़कों पर थमी रफ्तार
बुधवार सुबह राजस्थान के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सीकर, नागौर और शेखावाटी इलाके में विजिबिलिटी बेहद कम रिकॉर्ड की गई, जिससे हाईवे और शहरों में वाहनों की गति धीमी पड़ गई। ठंडी हवाओं के साथ खेतों में ओस की बूंदें जमती दिखाई दीं, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
🌡 2. तापमान में भारी गिरावट, कई शहर 10 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में रात के तापमान में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 30.4 डिग्री और सबसे कम तापमान सीकर के फतेहपुर में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। औसत आर्द्रता 25 से 65 प्रतिशत के बीच रही।
🧊 3. सबसे ठंडे शहर: चूरू, नागौर और पिलानी आगे
राज्य के कई शहरों में तापमान बेहद नीचे पहुंच गया है:
- चूरू – 5°C
- नागौर – 5.5°C
- पिलानी – 5.7°C
- सीकर – 6°C
- श्रीगंगानगर – 7.1°C
- अलवर – 8.2°C
- दौसा – 8.8°C
- जैसलमेर – 9.5°C
- करौली – 10°C
- अंता (बारां) – 15°C
इन आंकड़ों से साफ है कि उत्तर और पूर्वी राजस्थान इस समय सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में हैं।
🚨 4. 4–5 दिसंबर को 14 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट
मौसम विभाग ने 4 और 5 दिसंबर के लिए जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है उनमें शामिल हैं:
भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनू।
इन जिलों में ठंड और तेज़ हवाओं से जनजीवन पर और असर पड़ सकता है।
🏙 5. जयपुर और बीकानेर संभाग में शीतलहर का खतरा
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि गुरुवार से जयपुर और बीकानेर संभाग में कोल्ड वेव की स्थिति और तेज़ हो सकती है। आने वाले एक सप्ताह तक अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहने के साथ रातें बेहद ठंडी रहने की संभावना है।
📉 6. 8 दिसंबर के बाद शून्य के पास पहुंच सकता है तापमान
विशेषज्ञों के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र में 4 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक जा सकता है। वहीं 8 दिसंबर के बाद कई जिलों में तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री) के करीब पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
🔍 मौसम : ठंड का यह दौर क्यों है ज्यादा खतरनाक?
इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर असर और उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते राजस्थान में शीतलहर ज्यादा तेज़ महसूस की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद रात का तापमान तेजी से गिरना स्वास्थ्य, कृषि और यातायात—तीनों के लिए चुनौती बन रहा है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।