व्हाइट हाउस के पास फायरिंग: दो नेशनल गार्ड के जवान गंभीर, अफगान संदिग्ध पकड़ा; आतंकी एंगल से जांच….
अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर हुई फायरिंग ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। हमले में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि मौके से पकड़ा गया संदिग्ध एक अफगान नागरिक बताया जा रहा है। मामले की जांच अब संभावित आतंकी हमले के रूप में की जा रही है।
फायरिंग से व्हाइट हाउस के आसपास दहशत
अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर 2:15 बजे 17th और I स्ट्रीट के पास नेशनल गार्ड की टीम हाई-विज़िबिलिटी पेट्रोल पर थी, तभी अचानक एक हमलावर कोने से निकलकर उन पर गोलियां बरसाने लगा। घटना के बाद इलाके को घेरकर व्हाइट हाउस को भी कुछ समय के लिए लॉकडाउन कर दिया गया।
अफगान मूल के संदिग्ध को मौके से दबोचा गया
घायल जवानों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग के तुरंत बाद संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जांच में उसके अफगान नागरिक होने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां उसके बैकग्राउंड, संपर्कों और उद्देश्य की गहराई से जांच कर रही हैं।
एफबीआई और सिक्योरिटी एजेंसियां आतंकी एंगल खंगाल रहीं
एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और वाशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोसर ने संयुक्त बयान में कहा कि इस हमले को “टारगेटेड शूटिंग” माना जा रहा है। एजेंसियां इस घटना को संभावित आतंकी हमले के रूप में भी परख रही हैं, क्योंकि संदिग्ध सीधे नेशनल गार्ड को निशाना बनाता हुआ दिखा।
ट्रंप की प्रतिक्रिया—‘जिम्मेदार को भारी कीमत चुकानी होगी’
पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि “हमले के जिम्मेदार जानवर को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने घायल सैनिकों और नेशनल गार्ड की तारीफ करते हुए कहा कि वॉशिंगटन में तैनात जवानों का मनोबल नहीं गिरने दिया जाएगा।
थैंक्सगिविंग से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना ऐसे समय हुई है जब व्हाइट हाउस में शुक्रवार को थैंक्सगिविंग समारोह की तैयारी चल रही है। ऐसे में इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को स्थिति की पूरी जानकारी दे दी गई है और सरकार हर अपडेट पर नजर रखे हुए है।
नेशनल गार्ड पहले से हाई अलर्ट पर था
इस साल अगस्त में ही राष्ट्रपति ट्रंप ने डीसी में बढ़ते अपराध और बेघर लोगों की समस्या को देखते हुए ‘पब्लिक सिक्योरिटी इमरजेंसी’ घोषित की थी, जिसके बाद नेशनल गार्ड की तैनाती बढ़ाई गई थी। बुधवार की घटना के बाद गार्ड की तैनाती और ज्यादा सख्त की जा रही है।
राजधानी में सुरक्षा पर बड़ा सवाल
व्हाइट हाउस से कुछ ब्लॉक दूर हुए इस हमले ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। दो सैनिकों की हालत गंभीर होने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चिंता बढ़ गई है। जांच एजेंसियां अब इस घटना के व्यापक नेटवर्क और आतंकी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।