फर्जी सिम के जरिए 1100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, जोधपुर पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा…..
जोधपुर पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए भारत में करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चार कंबोडियाई नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जोधपुर से कंबोडिया तक फैला साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि यह गिरोह जोधपुर और आसपास के इलाकों से फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल कर उन्हें कंबोडिया भेजता था। वहां बैठे साइबर अपराधी इन सिम कार्डों का इस्तेमाल भारत में लोगों से ठगी करने के लिए करते थे। जांच में सामने आया है कि पिछले एक साल में करीब तीन लाख फर्जी सिम कार्ड भारत से कंबोडिया भेजे गए, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया।
5378 सिम की जांच में 1100 करोड़ की ठगी का खुलासा
जोधपुर पुलिस ने अब तक 5378 सिम कार्डों की तकनीकी जांच की है। इन सिम कार्डों के जरिए भारत में 1100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई। इनमें से 210 सिम राजस्थान से जारी हुई थीं, जिनसे अकेले राजस्थान में 25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
एक सिम से खुला पूरा खेल
यह मामला तब उजागर हुआ जब कांस्टेबल रामदयाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मुराद अली के नाम से जारी एक सिम कार्ड की जांच की। पता चला कि इस सिम का उपयोग तेलंगाना में 90 लाख रुपये की ठगी के लिए किया गया था, जबकि कॉल और मैसेज कंबोडिया से संचालित हो रहे थे। जांच में सामने आया कि यह सिम प्रकाश भील ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल की थी।
बल्क रिचार्ज से हजारों सिम एक्टिव रखे जाते थे
गहन जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि कंबोडिया में इस्तेमाल हो रही इन सिम कार्डों का एक साथ 10 से 20 हजार सिम का बल्क रिचार्ज किया जाता था। इस प्रक्रिया में सिंगापुर की एक कंपनी और एक भारतीय नेटवर्क प्रोवाइडर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है।
इस तरह हासिल की जाती थीं फर्जी सिम
जांच में सामने आया कि सिम विक्रेता ग्राहकों को एक सिम देते थे, जबकि एक अतिरिक्त सिम खुद सक्रिय कर अपने पास रख लेते थे। इसी तरीके से बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड तैयार कर नेटवर्क को सप्लाई किए जाते थे।
मलेशिया और कंबोडिया तक पहुंची सिम
इन सिम कार्डों को राहुल कुमार झा (सांगरिया, जोधपुर) के जरिए मलेशिया के चार नागरिकों—
- यू मिंग चिन
- लो डाई खेन
- ली जियान हुई
- लिऑन्ग केन नेथ
तक पहुंचाया जाता था, जो आगे इन्हें कंबोडिया में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- हेमंत पंवार (40), नागौर – सिम डिस्ट्रीब्यूटर
- रामावतार राठी (24), नागौर – सिम विक्रय एजेंट
- हरीश मालाकार (34), किशनगढ़ – मोबाइल रिपेयरिंग
- मोहम्मद शरीफ (22), जोधपुर – सहयोगी
- संदीप भट्ट (27), लुधियाना – सहयोगी
- प्रकाश भील (25), जोधपुर – सिम एजेंट
जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस आयुक्त के अनुसार, यह नेटवर्क कई राज्यों और देशों तक फैला हुआ है। अन्य आरोपियों और तकनीकी सहयोगियों की तलाश जारी है, वहीं कंबोडियाई नागरिकों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।