दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े नेटवर्क पर ED का शिकंजा, अलफलाह यूनिवर्सिटी गंभीर जांच के दायरे में…
दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपना दायरा तेजी से बढ़ाया है। विस्फोट में शामिल आतंकी डॉक्टर उमर नबी से जुड़े नेटवर्क और उसकी पनाहगाह समझे जाने वाले संस्थानों पर अब ईडी (ED) ने कड़ा रुख अपनाया है। फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी, उसके चेयरमैन जवाद सिद्दीकी और विस्फोट से पहले उमर की गतिविधियों से जुड़े कई नए खुलासे सामने आए हैं। केस अब कई परतों में उलझता दिख रहा है—अवैध कमाई, संदिग्ध नेटवर्क, गायब छात्र और आतंकियों की आवाजाही सब जांच के दायरे में।
जवाद सिद्दीकी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई
415 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप, विदेश भागने की तैयारी में था
ईडी ने फरीदाबाद स्थित अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को 415.10 करोड़ रुपए की अवैध कमाई के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, सिद्दीकी ने संस्थान को मान्यता प्राप्त बताकर छात्रों व अभिभावकों से धोखाधड़ी की और भारी भरकम रकम इकट्ठी की।
यह कार्रवाई संकेत देती है कि यह सिर्फ वित्तीय गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि संस्थान के माध्यम से बड़े स्तर पर फंडिंग और नेटवर्किंग की गतिविधियां भी हो सकती हैं। जवाद के खाड़ी देशों से करीबी रिश्ते और विदेश भागने की तैयारी सवालों को और गहरा करते हैं।