ED ने यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के ठिकानों पर मारा छापा: फैंटेसी क्रिकेट कमाई और लॉरेंस बिश्नोई धमकी से जुड़ी जांच तेज…..
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मशहूर यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी और उसके सहयोगियों के घरों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। मामला फैंटेसी क्रिकेट कमाई से जुड़े अवैध लेन-देन, धन शोधन और संगठित अपराध से जुड़ी धमकी पर केंद्रित है। ED की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य कब्जे में लिए हैं, जिससे जांच और गहन हो गई है।
ED का बड़ा ऑपरेशन
ED की टीम ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी और उसके कुछ सहयोगियों के डेरा, घर और कार्यस्थल पर छापेमारी की। एजेंसी का मानना है कि फैंटेसी क्रिकेट प्लेटफॉर्म से मिली कथित कमाई को धन शोधन के संदर्भ में जांच के दायरे में लिया गया है। ED अधिकारियों ने बताया कि मूल रूप से यह मामला आर्थिक अपराध और अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
फैंटेसी क्रिकेट कमाई पर ED की तलाशी
जांच के दौरान ED ने अनुराग द्विवेदी के कई बैंक खाते, लेन-देन रिकॉर्ड, मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस प्लेटफ़ॉर्म से होने वाली कमाई खाता धारकों द्वारा सांझी रणनीति के तहत अवैध रूप से चलाए जा रहे नेटवर्क से जुड़ी मानी जा रही है। एजेंसी इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या यह कमाई वैध स्रोत से आ रही थी या नहीं।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी छाया
जाँच में यह भी पता चला है कि कथित धमकी के सिलसिले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम जुड़ा हुआ है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस यूट्यूबर का संबंध किसी आपराधिक नेटवर्क से था, जिसने धमकियाँ दी या फिर फैंटेसी क्रिकेट की कमाई को लेकर दबाव बनाया। यह जुड़ाव पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
यूट्यूबर के खिलाफ आरोपों का सिलसिला
अनुराग द्विवेदी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों से जुड़ी शिकायतें और विवादास्पद कमाई के दावे पहले भी देखे गए हैं। हालांकि अब तक किसी भी मामले में कोर्ट से वैधानिक नतीजा नहीं निकला था, लेकिन ED की यह छापेमारी बताती है कि आर्थिक सुचना और धन शोधन के संभावित गंभीर आरोपों की जांच चल रही है।
ED की कार्रवाई का बड़ा सन्देश
ED की यह कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से होने वाली कमाई, चाहे वह फैंटेसी क्रिकेट जैसी दिखती हो, अगर अवैध तरीकों से संलग्न होती है तो उसके खिलाफ कड़ी पूछताछ और जांच की जाएगी। एजेंसी का मानना है कि सोशल मीडिया व डिजिटल कमाई के मामलों में भी पारदर्शिता होनी चाहिए।
आगे जांच की राह
ED अब यह पता लगा रही है कि क्या अनुराग के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी इस आर्थिक अपराध नेटवर्क का हिस्सा हैं। आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल दस्तावेज़ों के विश्लेषण के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह जांच सुप्रीम कोर्ट और PMLA के दायरे में भी रहने की संभावना जता रही है।
प्रतिक्रिया और प्रतिफल
इस मामले पर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया तेजी से आ रही है। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएँ जारी हैं। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर फैंटेसी क्रिकेट कमाई और धमकी के बीच क्या वास्तविक संबंध है और जांच से क्या खुलासे होंगे।