चीन‑पाकिस्तान के लिए ‘प्रलय’ बना काल, DRDO ने 500 KM रेंज मिसाइल का सफल परीक्षण किया
भारत की सामरिक ताकत को नई धार देते हुए डीआरडीओ ने ‘प्रलय’ मिसाइल का बेहद अहम और सफल परीक्षण किया है। एक ही लॉन्चर से कुछ सेकंड के अंतर पर दागी गई दो मिसाइलों ने अपने‑अपने लक्ष्यों को पूरी सटीकता से भेद दिया। यह उपलब्धि भारत की युद्ध‑तैयारी और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।
🔹 एक ही लॉन्चर से दो मिसाइलें, सिस्टम की ताकत साबित
ओडिशा तट से हुआ बड़ा परीक्षण, दोनों मिसाइलें रहीं सफल
डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से ‘प्रलय’ मिसाइल का परीक्षण किया। एक ही लॉन्चर से कुछ ही सेकंड के अंतराल में दो मिसाइलें दागी गईं। परीक्षण के दौरान रडार सिस्टम और समुद्र में तैनात जहाजों से पूरी उड़ान पर नजर रखी गई। दोनों मिसाइलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरी तरह हासिल किया।
🔹 पूरी तरह स्वदेशी, अत्याधुनिक तकनीक से लैस
सॉलिड फ्यूल और स्मार्ट नेविगेशन से अचूक वार
प्रलय मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और सॉलिड फ्यूल से संचालित होती है। इसमें इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम के साथ रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर लगाया गया है, जिससे यह रास्ते से भटकती नहीं और लक्ष्य पर बेहद सटीक वार करती है।
🔹 500 KM रेंज, भारी तबाही की क्षमता
दुश्मन के अहम ठिकानों पर पलभर में कहर
इस मिसाइल की मारक क्षमता 500 किलोमीटर तक है। यह 500 से 1000 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी तेज रफ्तार के कारण दुश्मन को प्रतिक्रिया का मौका तक नहीं मिलता और चंद पलों में रणनीतिक ठिकाने पूरी तरह तबाह हो सकते हैं।
🔹 सेना में शामिल होने के करीब ‘प्रलय’
DRDO प्रमुख बोले – तैनाती की दिशा में बड़ा कदम
परीक्षण के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि प्रलय मिसाइल अब सेना में शामिल होने के बेहद करीब है और यह युद्ध क्षमता में बड़ा इजाफा करेगी।
🔹 रक्षा मंत्री की बधाई, उद्योग जगत की अहम भूमिका
आत्मनिर्भर भारत की मिसाइल शक्ति को मिली नई पहचान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, सेना, वायुसेना और देश के रक्षा उद्योग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक ही लॉन्चर से दो मिसाइलों का सफल परीक्षण सिस्टम की भरोसेमंदी को दर्शाता है। इस मिसाइल के विकास में हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत के साथ BDL और BEL की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
🔹 रणनीतिक संदेश साफ
नाम ही नहीं, असर में भी ‘प्रलय’
विशेष रूप से युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार की गई यह मिसाइल भारत की आक्रामक और रक्षात्मक क्षमता को नई ऊंचाई देती है। सच मायनों में, जहां ‘प्रलय’ गिरती है, वहां नाम के अनुरूप तबाही तय मानी जा रही है।