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“मां को मत बताना…”: फीस के दबाव में MBA छात्र ने उठाया खतरनाक कदम, किडनी रैकेट में फंसी दर्दनाक कहानी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट मामले ने एक बार फिर गरीबी, मजबूरी और अपराध के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है। एमबीए छात्र आयुष कुमार की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है, जो आर्थिक तंगी के चलते किडनी रैकेट के जाल में फंस गया। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आयुष अब पछतावे और डर के बीच सिर्फ एक ही गुहार लगा रहा है—उसकी मां को सच्चाई न बताई जाए।

ICU में जूझता छात्र और एक ही डर

Kanpur के Hallet Hospital के आईसीयू में भर्ती आयुष कुमार की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन मानसिक रूप से वह पूरी तरह टूट चुका है। पुलिस पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने हाथ पर बने ‘I Love You Mom’ टैटू को देख भावुक हो जाता है। उसकी आंखों में पछतावा साफ झलकता है और वह हाथ जोड़कर सिर्फ यही कहता है कि उसकी मां को इस बारे में कुछ न बताया जाए, क्योंकि वह यह सदमा सह नहीं पाएंगी।

आर्थिक तंगी ने धकेला खतरनाक रास्ते पर

आयुष के इस कदम के पीछे गहरी आर्थिक मजबूरी सामने आई है। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। घर की जमीन गिरवी रखी जा चुकी थी और पढ़ाई की फीस भी बकाया थी। लगातार बढ़ते दबाव और सीमित संसाधनों ने उसे मानसिक रूप से कमजोर कर दिया। पुलिस के अनुसार, इसी मजबूरी में उसने अपनी किडनी बेचने जैसा खतरनाक फैसला लिया, जिससे उसकी जिंदगी पर गंभीर असर पड़ा।

नौकरी का बहाना, अंदर ही अंदर टूटा सपना

आयुष ने अपने परिवार को बताया था कि उसे कानपुर में नौकरी मिल गई है और वह काम करने जा रहा है। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा घर की हालत सुधार देगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग थी। कॉलेज की फीस दो महीने से जमा नहीं हुई थी और बैंक से लोन लेने के प्रयास भी असफल रहे। इस बीच वह पहले साइबर ठगों के संपर्क में आया और फिर किडनी रैकेट तक पहुंच गया, जहां उसकी मजबूरी का फायदा उठाया गया।

दोस्त की नाराजगी और मां की बेबसी

आयुष की एक महिला मित्र Dehradun से उससे मिलने कानपुर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात में उसने आयुष के फैसले पर नाराजगी जताई और कहा कि वह मदद मांग सकता था। दोस्त ने यह भी बताया कि उसकी मां उससे मिलने के लिए बेहद परेशान हैं और लगातार उसका इंतजार कर रही हैं। यह सुनकर आयुष और ज्यादा भावुक हो गया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

किडनी रैकेट की जड़ें खंगाल रही पुलिस

पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए किडनी रैकेट के नेटवर्क की जांच में जुटी है। आयुष ने पूछताछ में बताया कि उसे तय रकम भी पूरी तरह नहीं मिली थी। जांच के दौरान पुलिस की टीमें Lucknow, Noida, Ghaziabad और Delhi समेत कई शहरों में छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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