वेनेजुएला पर कब्जे के बाद ट्रंप ने कहा – “हम बेचेंगे बहुत सारा तेल”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद अपने बयान से वैश्विक राजनीतिक और ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप का असली मकसद वहां के तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना है।
🔹 ट्रंप का मास्टर प्लान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने खुलासा किया:
- वेनेजुएला की पूरी लड़ाई तेल संसाधनों के लिए थी।
- “दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में अरबों डॉलर निवेश करेंगी। दशकों से बदहाल पड़े तेल कुओं और पाइपलाइनों को अमेरिकी तकनीक से ठीक किया जाएगा।”
- उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका तेल निकालकर पूरी दुनिया को बेचेगा, और अन्य देशों को भी अधिक मात्रा में तेल उपलब्ध कराएगा।
🔹 पेच क्यों फंसा है?
वेनेजुएला का तेल हैवी क्रूड ऑयल (Heavy Crude Oil) है:
- गाढ़ा और चिपचिपा होने की वजह से निकालना मुश्किल और महंगा।
- रिफाइन करने के लिए हाई-टेक्नोलॉजी और बड़े निवेश की जरूरत।
- ज्यादा सल्फर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कम।
इस हैवी क्रूड को रिफाइन करने की तकनीक अमेरिकी कंपनियों के पास है, जिससे वेनेजुएला के तेल कुओं पर वाशिंगटन का नियंत्रण बढ़ने की संभावना है।
🔹 वेनेजुएला का तेल भंडार
- वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चा तेल है।
- यह दुनिया के कुल भंडार का लगभग 18% है।
- लेकिन हैवी क्रूड ऑयल होने की वजह से देश सिर्फ 1% तेल ही निकाल पा रहा है।
🔹 ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है।
- हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की “ऑयल-फर्स्ट नीति” के संकेतों से कच्चे तेल की कीमतों में तुरंत उतार-चढ़ाव आने की संभावना फिलहाल कम है।
- निवेशक और मार्केट अभी सावधानी से स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं।