डीएनटी संघर्ष समिति का मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन, गिरफ्तारी के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा…
अलवर में डीएनटी संघर्ष समिति राजस्थान के बैनर तले मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग मिनी सचिवालय पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में हुई गिरफ्तारियों का कड़ा विरोध जताया और जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वार्ताओं के दौरान सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया था कि एफआर (फाइनल रिपोर्ट) के जरिए ये मुकदमे वापस लिए जाएंगे। 5 दिसंबर को हुई वार्ता में भी इस मुद्दे को उठाया गया था, जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने कहा कि भर्तृहरि धाम, अलवर में हुए डीएनटी महासंगम में भी सात लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पुलिस वाहन से टक्कर में मृत लक्ष्मण नाथ को उचित मुआवजा देने और शहीद का दर्जा प्रदान करने की मांग रखी गई थी। लेकिन इतने आश्वासनों के बावजूद यह अत्यंत दुखद और हैरान करने वाला है कि नौ लोगों को अपराधियों की तरह उनके घरों से गिरफ्तार किया गया, जिनमें से छह लोग फिलहाल जेल में हैं।
जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए और आश्वासनों के विपरीत कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म कराने के लिए झूठे आश्वासन दिए गए और वार्ताओं को केवल बहाना बनाया गया। डीएनटी समाज के साथ पिछले 78 वर्षों से अन्याय होता आ रहा है और वर्तमान सरकार की कार्यशैली ने इस धोखेबाजी को और आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार 10 सूत्री मांगों को पूरा करने के बजाय लोगों को जेल में डालकर दमन कर रही है। यह व्यवहार लोकतंत्र में अंग्रेजी शासन जैसी मानसिकता को दर्शाता है, जहां इन समाजों को अधिकारविहीन और पिछड़ा बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।