धोलागढ़ देवी थाना पुलिस ने शिक्षक फायरिंग केस सुलझाया, दो आरोपी दबोचे…
अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में सरकारी स्कूल शिक्षक पर हुई फायरिंग की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझा ली। तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित एक्शन के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
धोलागढ़ देवी थाना पुलिस ने स्कूल शिक्षक पर जानलेवा फायरिंग मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल एसपी शरणं कांबले ने बताया कि पीड़ित शिक्षक ने 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि 11 नवंबर को स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय दो युवक रास्ते में मिले।
शिक्षक के मुताबिक, दोनों युवकों ने उन्हें रोककर पूछा— “क्या कपिल यही मास्टर है, जिसने हमारे पिताजी से बात की थी?” शिक्षक कुछ समझ पाते उससे पहले ही बाइक पर पीछे बैठे युवक दीपक ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली उनकी जांघ को छूते हुए निकल गई, और वे बाल-बाल बच गए। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से पुलिस ने आरोपी कपिल और उसके सहयोगी हार्दिक को दबोच लिया। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विवाद और रंजिश से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है, और पूछताछ में और भी खुलासे की संभावना है। यह कार्रवाई गंभीर अपराधों में अलवर पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है।
अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में सरकारी स्कूल शिक्षक पर हुई फायरिंग की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझा ली। तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित एक्शन के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
धोलागढ़ देवी थाना पुलिस ने स्कूल शिक्षक पर जानलेवा फायरिंग मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल एसपी शरणं कांबले ने बताया कि पीड़ित शिक्षक ने 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि 11 नवंबर को स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय दो युवक रास्ते में मिले।
शिक्षक के मुताबिक, दोनों युवकों ने उन्हें रोककर पूछा— “क्या कपिल यही मास्टर है, जिसने हमारे पिताजी से बात की थी?” शिक्षक कुछ समझ पाते उससे पहले ही बाइक पर पीछे बैठे युवक दीपक ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली उनकी जांघ को छूते हुए निकल गई, और वे बाल-बाल बच गए। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
एएसपी शरण कांबले ने बताया घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुधीर चौधरी जी के निर्देश पर टीम बनाकर तुरंत जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से पुलिस ने आरोपी कपिल और उसके सहयोगी हार्दिक को दबोच लिया। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया विवाद और रंजिश से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है, और पूछताछ में और भी खुलासे की संभावना है। यह कार्रवाई गंभीर अपराधों में अलवर पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है।