देसूला गांव की जमीन को कब्रिस्तान बताने पर बवाल, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन — जांच व कार्रवाई की मांग….
अलवर के देसूला गांव में स्कूल के पीछे स्थित खाली पड़ी जमीन को मेव मुस्लिम समाज द्वारा कब्रिस्तान की जमीन बताए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को हिंदू संगठनों ने मिनी सचिवालय गेट के बाहर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और एससी समाज के प्रतिनिधियों ने भवानी तोप सर्किल से रैली निकालते हुए मिनी सचिवालय तक पैदल मार्च किया और नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
ज्ञापन में संगठनों ने आरोप लगाया कि देसूला गांव की खाली जमीन को कुछ लोग कब्रिस्तान की भूमि बताकर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन कब्रिस्तान की नहीं है। इसके साथ ही ईएसआईसी अस्पताल के पास स्थित गोचर भूमि पर भी कब्रिस्तान का दावा करके अवैध कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया। हिंदू संगठनों का कहना है कि उक्त भूमि पर शीतला माता का मंदिर स्थित है और किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक प्रेम सिंह राजावत ने कहा कि कुछ लोग जबरन जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं और उसे कब्रिस्तान घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज और ग्रामीण किसी भी स्थिति में अवैध कब्जा नहीं होने देंगे। देसूला गांव के निवासियों ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जे हटाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गोचर भूमि गांव की जरूरतों से जुड़ी होती है और कब्जे से ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।