अवैध संबंध, दहेज और पेपर लीक का डर: दिल्ली पुलिस कमांडो की हत्या में पति गिरफ्तार
हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली और दिल्ली पुलिस में कमांडो के पद पर तैनात काजल की मौत के मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। शुरू में संदिग्ध हालात में हुई मौत अब हत्या के मामले में बदल चुकी है। मृतका की मां मीना के आरोपों और पुलिस जांच के बाद पति अंकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अस्थि विसर्जन के बाद परिवार ने उठाए सवाल
शुक्रवार को गंगा में काजल की अस्थियां विसर्जित करने के बाद परिजनों ने पूरे मामले को लेकर खुलकर आरोप लगाए। मां मीना ने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत एक साजिशन हत्या है, जिसके पीछे कई गंभीर कारण हैं।
शादी से पहले के संबंध और दहेज की मांग का आरोप
मृतका की मां के अनुसार, अंकुर के अन्य महिलाओं के साथ संबंध थे, जिसकी जानकारी काजल को शादी से पहले दी गई थी। इसके बावजूद काजल ने विवाह किया। शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा लग्जरी कार और तिलक में ₹1.5 लाख की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर काजल को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
अलग रहने के बावजूद नहीं थमा विवाद
पारिवारिक तनाव के चलते काजल और अंकुर दिल्ली के द्वारका में अलग रहने लगे थे। आरोप है कि अंकुर अपनी कमाई और काजल की सैलरी का बड़ा हिस्सा अपने माता-पिता और भाई पर खर्च करता था। 22 जनवरी को भाई की शादी के लिए ₹15 लाख के गहने खरीदे जाने पर दोनों के बीच विवाद हुआ।
पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़ने के आरोप
मां मीना का दावा है कि अंकुर रुड़की में कंप्यूटर लैब की आड़ में सरकारी नौकरियों के पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क से जुड़ा था। काजल को इन गतिविधियों की जानकारी थी और वह कई बार पुलिस में शिकायत करने की बात कह चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि इसी डर से हत्या की साजिश रची गई।
डंबल से हमला, खुद दी भाई को सूचना
पुलिस जांच के अनुसार 22 जनवरी की रात झगड़े के दौरान अंकुर ने जिम में इस्तेमाल होने वाले डंबल से काजल के सिर पर हमला किया। इसके बाद उसने खुद काजल के भाई निखिल को फोन कर घटना की जानकारी दी। गंभीर रूप से घायल काजल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पांच दिन बाद अस्पताल में तोड़ा दम
लगातार पांच दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 27 जनवरी को गाजियाबाद के एक अस्पताल में काजल की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
पढ़ाई और खेल में भी अव्वल थी काजल
काजल एक बहादुर पुलिसकर्मी होने के साथ-साथ पढ़ाई और खेलों में भी उत्कृष्ट थी। उसने बास्केटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते थे। वह पांच महीने की गर्भवती थी और परिवार की देखभाल के लिए छुट्टी का आवेदन भी तैयार किया था, जो विभाग तक नहीं पहुंच पाया।
आय से अधिक संपत्ति की जांच में जुटी पुलिस
परिवार ने सवाल उठाया है कि एक क्लर्क की नौकरी करने वाला व्यक्ति द्वारका में फ्लैट, गन्नौर में ₹55 लाख का प्लॉट और महंगे गहने कैसे खरीद सकता है। पुलिस अब आरोपी की संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच कर रही है।