दिल्ली से कनाडा तक गैंगवार की गूंज: 24 घंटे में 4 फायरिंग, सोशल मीडिया पर खुली धमकियां
दिल्ली और कनाडा—दो अलग-अलग देशों में एक ही तरह का डर। बीते 24 घंटों में दोनों जगहों पर हुई चार फायरिंग की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क की मौजूदगी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। शुरुआती जांच में तीन वारदातों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से और एक घटना का नाम रोहित गोदारा गैंग से जोड़ा जा रहा है। सभी मामलों में रंगदारी और धमकी की पृष्ठभूमि सामने आई है।
🔫 दिल्ली में दो घटनाएं
“रंगदारी न देने पर गोलियों की चेतावनी”
राजधानी दिल्ली में दो अलग-अलग इलाकों में फायरिंग की वारदातें सामने आई हैं। एक मामले में पश्चिम विहार स्थित एक जिम के बाहर गोलियां चलाई गईं। बताया जा रहा है कि इस घटना की जिम्मेदारी एक गैंग से जुड़े व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली और खुलेआम जान से मारने की धमकी दी।
दूसरी घटना पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में हुई, जहां एक कारोबारी के घर के बाहर हवाई फायरिंग की गई। सूत्रों के मुताबिक, कारोबारी से भारी रकम की मांग की गई थी और इनकार के बाद यह वारदात अंजाम दी गई। पुलिस ने पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराई है।
🌍 कनाडा में दो फायरिंग
“विदेश में भी भारतीय गैंगों की मौजूदगी”
कनाडा में भी दो स्थानों पर गोलीबारी की खबरें सामने आई हैं। ब्रैम्पटन इलाके में एक व्यक्ति के घर पर फायरिंग हुई, जिसकी जिम्मेदारी कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े सदस्य ने सोशल मीडिया पर ली और विरोधियों को चेतावनी दी।
दूसरी घटना नॉर्थरिज ड्राइव और ब्रैंटफोर्ड क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है, जहां एक अन्य गैंग ने जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरे संदेश पोस्ट किए। इन घटनाओं से साफ है कि गैंग नेटवर्क की पहुंच भारत से बाहर तक फैल चुकी है।
📱 सोशल मीडिया बना हथियार
“पोस्ट में जिम्मेदारी, हैशटैग में धमकी”
इन सभी वारदातों के बाद संबंधित गैंगों से जुड़े अकाउंट्स पर धमकी भरे पोस्ट सामने आए। पोस्ट में खुलेआम जिम्मेदारी लेने के साथ-साथ विरोधियों और पीड़ितों को अगली कार्रवाई की चेतावनी दी गई। कुछ मामलों में धार्मिक नारों और हैशटैग का इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश भी की गई।
🚔 पुलिस के सामने दोहरी चुनौती
“देश के भीतर और बाहर एक साथ जांच”
दिल्ली पुलिस दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। वहीं, कनाडा की एजेंसियां भी सामने आए वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
“अपराध अब सीमाओं से परे”
पिछले 24 घंटों की ये घटनाएं दिखाती हैं कि संगठित अपराध अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर जिम्मेदारी लेना, खुलेआम धमकियां देना और अलग-अलग देशों में एक ही तरह का पैटर्न अपनाना—ये सब अंतरराष्ट्रीय एक्सटॉर्शन सिंडिकेट की ओर इशारा करते हैं। चुनौती सिर्फ अपराधियों को पकड़ने की नहीं है, बल्कि उनके डिजिटल नेटवर्क और सीमा-पार संचालन को तोड़ने की भी है। यदि इस पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी वारदातें आम लोगों के लिए सुरक्षा संकट बन सकती हैं।